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सीता विदाई प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु, रामकथा में गूंजे भक्ति और राष्ट्रभक्ति के स्वर

रिपोर्ट: सत्यदेव पांडे ( ब्यूरो चीफ- सोनभद्र)

चोपन, सोनभद्र। मेडर माता मंदिर परिसर में आयोजित सप्तदिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव के पांचवें दिन श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा व्यास पूज्य श्री दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने सीता विदाई का अत्यंत मार्मिक प्रसंग सुनाया, जिसे सुनकर पंडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। माता सीता के विदाई प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन ऐसा था कि पूरा वातावरण करुणा, प्रेम और भक्ति रस में डूब गया। कथा के दौरान महाराज श्री ने भगवान श्रीराम और केवट संवाद की अद्भुत व्याख्या करते हुए बताया कि प्रभु श्रीराम की लीलाएं केवल धार्मिक कथाएं नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणाएं हैं। उन्होंने भगवान श्रीराम के वनगमन प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और धर्मपालन का संदेश दिया। संगीतमय शैली में प्रस्तुत कथा ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और समय-समय पर जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान होता रहा। अपने प्रवचन में कथा व्यास दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने कहा कि प्रभु श्रीराम कण-कण में विद्यमान हैं। यदि मनुष्य सच्ची श्रद्धा और निष्कपट भाव से उनका स्मरण करे तो प्रभु की कृपा अवश्य प्राप्त होती है। उन्होंने श्रीरामचरितमानस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह ग्रंथ केवल धार्मिक पुस्तक नहीं बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला अमूल्य मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ें जितनी मजबूत होंगी, समाज उतना ही सशक्त और संस्कारित बनेगा। महाराज श्री ने भारत भूमि को देवभूमि और पुण्यभूमि बताते हुए कहा कि इस पावन धरा पर जन्म लेना सौभाग्य की बात है। उन्होंने राष्ट्रहित और राष्ट्ररक्षा को सर्वोपरि बताते हुए समाज से संस्कार, सेवा और समर्पण की भावना के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उनके ओजस्वी विचारों ने श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया। कथा के दौरान पूरा मेडर माता मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। भजन, संकीर्तन और श्रीराम के जयघोष से वातावरण दिव्य हो उठा। श्रद्धालु देर रात तक कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त करते रहे। कार्यक्रम के आयोजक धर्माचार्य शिवकुमार पहाड़ी बाबा ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीराम कथा समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का माध्यम है। कार्यक्रम का संचालन सुनील सिंह ने किया। इस अवसर पर संरक्षक राजा मिश्रा, नागेश्वर प्रसाद गोंड़, श्यामा चरण गिरी, संतोष साहनी, राजकुमार टपू, अजय साहनी, संदीप चौरसिया, राजेन्द्र जी, राजकुमार निषाद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रीराम कथा महोत्सव में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सनातन संस्कृति के प्रति लोगों के समर्पण को दर्शा रही है।

Shakeer Akhtar
Author: Shakeer Akhtar

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