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दिव्यांगजनों के पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित*, रिपोर्ट सुलेखा राजेश चौधरी

*दिव्यांगजनों के पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित*

 

*एटा  जनपद एटा में “दिव्यांगजन के सर्वांगीण पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को सहायता” योजना संचालित की जा रही है।

जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अजय पाल सिंह ने अवगत कराया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में परिभाषित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं (मानसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रूग्ण दिव्यांगजनों को छोड़कर) के कल्याण हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को सहायता अनुदान प्रदान किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल विकास, जागरूकता एवं शीघ्र पहचान से संबंधित कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

योजनान्तर्गत निम्न 07 प्रकार की परियोजनाओं/कार्यक्रमों हेतु अनुदान प्रदान किया जाएगा—अर्ली इंटरवेंशन सेंटर, डे केयर सेंटर/प्री-प्राइमरी स्कूल, प्राथमिक स्तर के विशेष विद्यालय, जूनियर हाईस्कूल स्तर तक के विशेष विद्यालय, हाईस्कूल स्तर के विशेष विद्यालय, कौशल विकास कार्यक्रम (न्यूनतम 02 एवं अधिकतम 04 ट्रेड) एवं पाठ्य सामग्री विकास एवं पुस्तकालय संचालन।

उन्होंने बताया कि आवेदन करने वाली संस्था का विधिवत पंजीकरण होना आवश्यक है तथा दिव्यांगता के क्षेत्र में न्यूनतम 02 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। संस्था का नीति आयोग पोर्टल पर पंजीकरण, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अंतर्गत मान्यता, आवश्यक संसाधन एवं गैर-लाभकारी स्वरूप अनिवार्य है। साथ ही संस्था किसी अन्य स्रोत से उसी परियोजना हेतु वित्तपोषित न हो तथा ब्लैकलिस्टेड न हो।

इच्छुक एवं पात्र स्वैच्छिक संस्थाएं विभाग की वेबसाइट https://uphwd.gov.in⁠� से विस्तृत दिशा-निर्देश एवं आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन पत्र पूर्ण रूप से भरकर आवश्यक अभिलेखों सहित दिनांक 15 मई 2026 तक कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला पंचायत परिसर, एटा में किसी भी कार्य दिवस में जमा किए जा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट का अवलोकन किया जा सकता है।

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