अखिलेश यादव कल, आज और कल, आलेख शंकर देव तिवारी

अखिलेश यादव
कल, आज और कल

शनिवार को आगरा में आज के अखिलेश यादव में बीते हुए कल(करीब तीन दशक पहले) की यादें और आने वाले कल यानी भविष्य का विजन दिखा। तब आगरा में सपा का राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ था। जीआईसी मैदान में तीन दिवसीय आयोजन था। सपा मुखिया मुलायम सिंह समेत सभी दिग्गज राष्ट्रीय और प्रांतीय पदाधिकारी आए थे। होटल मुगल में सभी पदाधिकारी ठहरे थे। एक दिन लंच पर पत्रकार भी वहां पहुंचे। हम और अमर उजाला से रामकुमार शर्मा जी भी पहुंचे थे। अखिलेश तब राजनीति में नवागत थे। लेकिन भरपूर ऊर्जावान, राजनीति में बहुत कुछ करने का जुनून। वे हम दोनों के साथ ही आकर बैठ गए। संस्कारों से इतने परिपक्व कि जैसे ही कोई बड़ा नेता नजर पड़ जाता, तुरंत उठकर उनके पैर छूते। अखिलेश से बातचीत के दौरान एक पल भी नहीं लगा था कि वो बहुत बड़े बाप के बेटे हैं। घर, परिवार, पढ़ाई-लिखाई, नौकरी, कोट-टाई से लेकर कुर्ता पजामा के पहनावे तक खुलकर बतियाने में न कोई झिझक और न कोई पर्दा। उनमें भविष्य के राजनीतिज्ञ की मजबूत संभावनाएं देख हमने उनसे कह भी दिया कि नेता जी मुलायम सिंह और आप *छोटे नेता जी*। वो झेंप गए थे। तपाक से कहा था-नहीं नहीं।
आज शनिवार को अखिलेश आगरा आए। आगरा में उनका आना अक्सर लगा रहता है लेकिन, आज का आना मेरी दृष्टि में बहुत अलग रहा। दो दिवसीय आगरा प्रवास में एक दिन केवल अपनों से मेल मुलाकात ही करना, ये उनकी ओर से पहली बार हुआ है। एक दो से नहीं, आधा दर्जन लोगों से। इसके लिए वे शहर के अलग अलग क्षेत्रों में गए।
हां, मुलायम सिंह जी भी अक्सर ऐसा ही करते थे। मैं अगर फ्लैश बैक में जाऊं तो नेता जी जब भी आगरा आए तो अपनों के यहां अवश्य गए। आगरा में नेता जी के शहर के कई गैर राजनीतिक लोगों से प्रगाढ़ संबंध रहे हैं। कार्यकर्ताओं के लिए तो वे खुद को समर्पित कर देते थे। आज शहर में अखिलेश का अपनी गाड़ी में एक पदाधिकारी को बैठा लेना, एक पुराने कार्यकर्ता का नाम लेकर बीते हुए दिन याद करना, जमुना पार में एक गुरु जी (लोग उन्हें ज्योतिषी भी बताते हैं)के यहां जाना आदि ऐसे प्रसंग देखने और सुनने को मिले जो उन्हें मुलायम सिंह जी के राजनीतिक उत्तराधिकारी के उच्चतम पायदान पर ले गए। लोग कह रहे थे कि अब तो अखिलेश बहुत बदल गए हैं। उनसे मिलकर नेता जी की याद आ गई। मेरी भी अखिलेश जी को यही सलाह है कि कार्यकर्ताओं और आम लोगों से मेल मुलाकात का सिलसिला अनवरत रखें। व्यक्तिगत मुलाकात आजीवन संस्मरण बन जाती है।
अब आते हैं आने वाले कल के अखिलेश की। तीन दशक पहले होटल मुगल में उन्होंने मुझसे अपने मन की बात कही थी कि सपा संगठन के बेहतर संचालन के लिए पूरी प्रक्रिया को कंप्यूटराइज्ड बनाऊंगा। उन्होंने, इस पर काम भी शुरू किया था। वही दूरगामी सोच उनके *विजन इंडिया* मूवमेंट में परिलक्षित होती है। ये मूवमेंट समाज के विभिन्न वर्गों के लिए योजना, विकास और उन्नति पर आधारित है। बैंगलुरु, जयपुर, गाजियाबाद, लखनऊ के बाद 14 जून को आगरा में ये आयोजन हो रहा है। आगरा में लघु उद्यमियों से संवाद होगा। विशेषज्ञगण उनकी समस्याओं को सुनेंगे और निवारण के तरीके बताएंगे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इस पर अपनी पार्टी का नजरिया प्रस्तुति करेंगे। आयोजन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें उद्यमी, विशेषज्ञ और अखिलेश के अलावा कोई भी राजनीतिज्ञ को एंट्री नहीं होगी। इसमें सहभागिता के लिए पार्टी के लखनऊ मुख्यालय पर पहले ही पंजीकरण हो चुके हैं। इसमें करीब 400 उद्यमी भाग लेंगे। गाजियाबाद में अखिलेश इसी विजन इंडिया के तहत किसानों से रूबरू हो चुके हैं।

@ राजेश मिश्रा
पत्रकार, आगरा

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