*आगरा के परिवार ने पेश की अनोखी मिसाल, कुर्बानी के बजाय ‘केक’ काटकर दिया जीव दया का संदेश*
आगरा: इस वर्ष ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पावन अवसर पर आगरा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे देश में चर्चा बटोर ली है। जहां एक ओर बकरीद के मौके पर पारंपरिक रूप से कुर्बानी की प्रथा का पालन किया जाता है, वहीं आगरा के एक मुस्लिम परिवार ने जीव हत्या का विरोध करते हुए एक अनूठी और सराहनीय पहल की है। इस परिवार ने बकरे की कुर्बानी देने के बजाय बकरे की तस्वीर वाला केक काटकर त्यौहार मनाया। परिवार का मानना है कि त्यौहारों का असली उद्देश्य खुशियाँ बाँटना और मानवता का संदेश देना है, न कि किसी बेजुबान जीव की हत्या करना।
इस अनूठी पहल के बारे में बात करते हुए परिवार के सदस्यों ने कहा, “इस्लाम का संदेश शांति और दया का है। हम समाज में यह संदेश देना चाहते हैं कि त्यौहारों को अहिंसक तरीके से भी मनाया जा सकता है। जीव हत्या को रोककर हम समाज में प्रेम और सद्भाव को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं।”इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। नेटिजन्स इस पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे ‘बकरीद का सबसे अनूठा और सकारात्मक संदेश’ बता रहे हैं। लोग इस परिवार की सोच को समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण मान रहे हैं। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि बदलते समय के साथ समाज के जागरूक नागरिक परंपराओं को मानवता और करुणा के नजरिए से देखने के लिए तैयार हैं।









