*”हम प्रेस क्यों हैं?”: संस्थापक ए.के. बिंदुसार ने ‘मिशन प्रेस’ के वैश्विक संकल्प और अस्तित्व पर रखी बेबाक राय;*
रिपोर्ट: करन छौकर
(केंद्रीय अध्यक्ष केंद्रीय पॉलिसी मेकिंग सुप्रीम कमेटी)
भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) कोर कमेटी!
नई दिल्ली: भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) कोर कमेटी के संस्थापक एवं केंद्रीय नेतृत्व के प्रमुख ए.के. बिंदुसार ने संगठन के ‘मिशन प्रेस’ (Mission Press) के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए एक ऐतिहासिक संबोधन दिया है। उन्होंने न केवल प्रेस के शाब्दिक अर्थ को परिभाषित किया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में “प्रेस” होने का वास्तविक उत्तरदायित्व क्या है।
*प्रेस का अर्थ: केवल छपाई नहीं, वैचारिक क्रांति (P.R.E.S.S.)*
संगठन के संस्थापक ए.के. बिंदुसार ने ‘प्रेस’ शब्द की व्याख्या करते हुए इसे एक सुरक्षा कवच और जन-आवाज का संगम बताया। उनके अनुसार, प्रेस का अर्थ केवल सूचनाओं का प्रकाशन नहीं है, बल्कि:
*P (Public):* जनता की अटूट शक्ति और उनका प्रतिनिधित्व।
*R (Rights/Related):* संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और उनके लिए संघर्ष।
*E (Equality/Emergency):* आपातकालीन सेवा भाव से समर्पित होकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय और समानता का अधिकार दिलाना।
*S (Safety/Social ):* पत्रकारों की सुरक्षा और उनके सम्मान के लिए निस्वार्थ एवं नि:शुल्क भाव से एक अभेद्य दीवार खड़ा करना।
*S (Service):* राष्ट्र सेवा को सर्वोपरि मानकर निष्पक्ष पत्रकारिता का निर्वहन।
*”हम प्रेस क्यों हैं?” – अस्तित्व की हुंकार;*
संगठन के संस्थापक ए.के. बिंदुसार ने सीधे तौर पर इस प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि भारतीय मीडिया फाउंडेशन का गठन केवल एक संगठन के रूप में नहीं, बल्कि एक ‘मीडिया सरकार’ और ‘मीडिया आर्मी’ के रूप में किया गया है। उन्होंने कहा:
> “हम प्रेस इसलिए हैं क्योंकि हम सत्ता और जनता के बीच की उस खाई को भरना चाहते हैं जहाँ भ्रष्टाचार और अन्याय पनपता है। हम प्रेस इसलिए हैं ताकि कोई भी पत्रकार स्वयं को अकेला न समझे और ‘नागरिक पत्रकारिता’ (Citizen Journalism) के माध्यम से हर आम आदमी अपनी आवाज बुलंद कर सके।”हम प्रेस इसलिए हैं समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रशासनिक अधिकारी एवं राजनेता को समय-समय पर सम्मानित कर उनका उत्साह वर्धन करें।
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*मिशन प्रेस: 2026 तक का रोडमैप;*
संगठन के ‘मिशन प्रेस’ के संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि भारतीय मीडिया फाउंडेशन अब ब्लॉक स्तर से लेकर नेशनल एवं इंटरनेशनल स्तर तक अपनी पहुंच बना चुका है।
मीडिया जनसुनवाई: हर महीने के पहले रविवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता प्रेस कॉन्फ्रेंस लगाना।
कानूनी सुरक्षा: प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियोडिकल्स एक्ट 2023 जैसे कानूनों के प्रति पत्रकारों को जागरूक करना।
अनुशासन और मर्यादा: पीत पत्रकारिता (Yellow Journalism) को समाप्त कर पत्रकारिता के गिरते स्तर को सुधारना।
*संगठनात्मक एकजुटता का आह्वान;*
उन्होंने नेशनल कोर कमेटी और सभी राज्य इकाइयों को निर्देशित किया कि ‘मिशन प्रेस’ का लक्ष्य केवल खबरें लिखना नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि “प्रेस” वह शक्ति है जो पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता तथा प्रशासन को उसकी जिम्मेदारी का अहसास कराती है, और भारतीय मीडिया फाउंडेशन इसी शक्ति का ध्वजवाहक है।
ब्यूरो रिपोर्ट, भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) कोर कमेटी नई दिल्ली।







