इसे कहते हैं ऑन ड्यूटी जाना……
अनिल जी कहाँ मिलेंगे अब, नमन

और वो विकास की बात योजना मरण आई शिथिलता को उजागर करने के लिए बुलाई प्रेस वार्ता के लिए घर से निकले कि घटिया चौराहे पर अटेक आया, राम रघु अस्पताल ले जाया गया मगर हाथ मलता रह गया आगरा का हर वो व्यक्ति जो विभिन्न विकास परक बिंदुओ के लिए सिविल सोसाइटी के सचिव अनिल शर्मा से जुड़े रहते थे। खेल, पर्यटन, साहित्य, कला, समस्या सामयिक के अलावा जन हितार्थ योजनाएं अनिल शर्मा के देनिक कार्यों के हिस्से थे।
अभी कल ही मेरी उनसे भदावर की भदावरी भैस की योजना पर बात हुई थी। आज मिलने का वादा था मगर मैं लेट हो गया मगर जब एक बजे ताज प्रेस क्लब के ग्रुप पर नजर गई तो अनिल जी के निधन की खबर पड़ी। इसकी पुष्टि के लिए राजीव भाई से बात की तो पता चला उन्होंने हमने आगरा ने अपना लाल आन ड्यूटी करते खो दिया। राजीव भाई ने बताया कि…….
वाकई में इसे कहेंगे ऑन ड्यूटी मौत। आनिल जी आप सत्तर के दशक में एक खिलाडी के रूप में मिले और बिछुड़ गए तो ३९ साल बाद सी न्यूज के कार्य क्रम में मिले तो कल यानी तीन अप्रेल को आज की आयोजित प्रेस वार्ता विषय तक बतियाते रहे। ग्रामीण पत्रकारों के अभिन्न मित्र बन हम बहुत अच्छे विषयों पर चर्चा करते थे अब कौन मिलेगा।
मेरा आपको नमन भगवान् आपको आपकी आत्मा को अपने श्री चरणों में ले। आपके परिवार और शुभ चिंतकों को दुःख सहने की हिम्मत दे। नमन।
शंकर देव तिवारी







