शिकोहाबादः 18 महीने में तीन बार भागी प्रेमिका ने खुद को लगाई आग, पहला प्रेमी जेल में तो दूसरा हस्पीटल में भर्ती
फिरोजाबाद जनपद के शिकोहाबाद में प्रेमी के साथ पैर बांधकर डीजल डालकर आत्महत्या करने वाली 18 वर्षीय प्रेमिका खुशी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। खुशी का पहला प्रेमी इस समय जेल में है, जबकि फेसबुक के जरिये मिला दूसरा प्रेमी अरूण इस समय जिन्दगी और मौत के बीच जूझ रहा है.
आपको बतादें कि 6 जून की रात मोहल्ला पड़ाव में एक घर के अन्दर प्रेमी जोड़े ने खुद को आग के हबाले कर दिया था। दोनों के पैर एक-दूसरे से बंधे थे। जिस समय ये घटना हुई उस समय पुलिस दरवाजे के बाहर खड़ी दरवाजा खटखटा रही थी। आग की लपटें देखकर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला था। इलाज के दौरान प्रेमिका खुशी शर्मा की मौत हो गई। जबकि प्रेमी अरुण कठेरिया की हालत गंभीर है। परिजन उसे मेडिकल कॉलेज से रेफर कराकर किसी प्राइवेट हास्पीटल में इलाज करा रहे हैं.
पुलिस जांच में पता चला हे कि खुशी जब नाबालिग थी, तब उसका संबंध आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले फैसल अब्बासी से था। 16 जनवरी 2024 की रात खुशी अपनी मां ममता के साथ बाजार गई थी, बाजार से ही वो फैसल अब्बासी के साथ चली गई थी, लेकिन उसी रात उसकी मां ने उसे पकड़कर फैसल अब्बासी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। समय का पहिया घूम ही रहा था कि 29 सितंबर 2024 को खुशी फिर से लापता हो गई.
लापता होने पर इस बार उसकी मां ममता ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई. लेकिन पुलिस ने खुशी को फैसल के पास से ही बरामद किया था। नाबालिग होने के कारण फैसल पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गई थीं। कोर्ट से सजा होने के बाद फैसल अब्बासी इस समय जेल में बंद है।
इस समय खुशी मैनपुरी जनपद के गांव नगला पजावा ननिहाल में रहकर बीए की पढ़ाई कर रही थी। फेसबुक के जरिए उसकी दोस्ती मोहब्बत अहीर के रहने वाले अरुण कठेरिया से हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई…… अरुण 12वीं तक पढ़ा है और नोएडा में काम करता है।
तीन दिन पहले खुशी अपनी मां ममता और 12 वर्षीय भाई हर्ष के साथ अपनी ननिहाल में थी. शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे वह ननिहाल से यह कहकर निकली थी कि वह घर से कपड़े लेने शिकोहाबाद जा रही है। इसके बाद मोबाइल बंद आने पर मामा अवनीश उसकी तलाश में शिकोहाबाद पहुंचे तो मकान पर ताला लटका था।
पड़ोसियों ने बताया कि खुशी को अरुण के साथ देखा था। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की तो पता चला कि दोनों उसी मकान के अंदर छिपे हैं. पुलिस पहुंची तो अरुण और खुशी ने किचन में जाकर एक-दूसरे से अपने पैर बांध लिए और डीजल डालकर खुद को आग लगा ली। खिड़की से लपटें देखकर पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ा और जैसे-तैसे आग बुझाई। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। जहां प्रेमिका खुशी की मौत हो गई.
प्रेमी के साथ आत्महत्या करने वाली 18 वर्षीय खुशी का यह पहला प्यार नहीं था। खुशी इससे पहले अपने एक और प्रेमी फैसल अब्बासी को जेल भिजवा चुकी है। कपड़ों की तरह प्रेमी बदलने वाली खुशी अब इस दुनियां में नही है। लेकिन फेसबुक के जरिए प्यार करने वाला अरूण इस समय जिन्दगी की अन्तिम सांसें गिन रहा है।









