*21वीं सदी का एक सबसे बड़ा निर्णय*
*रिपोर्ट राहुल गुप्ता BMF न्यूज नेटवर्क शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश*
संकल्प से सिद्धि का ऐतिहासिक संकल्प नारी शक्ति वंदन अधिनियम
दशकों का इन्तज़ार अब समाप्त हुआ, कल तक जो अधिकार सपना था आधी आबादी का, अब वह हकीकत बन चुका है।
लोकसभा, विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण जल्दी ही लागू होगा।
महिलाओं की सीधी भागीदारी बढ़ने से नीतियों और फैसलों में उनकी भूमिका और मजबूत होगी, जिससे भारतीय लोकतंत्र को और मजबूती मिलेगी।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है
जहां नारियों की पूजा होती है, अर्थात सम्मान दिया जाता है। वहाँ देवता निवास करते हैं
शाहजहांपुर 17 अप्रैल। महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता द्वारा कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव सहित अन्य महिलाओं की उपस्थिति में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि आज नारी शक्ति को जो कुछ भी मिल रहा है वो उसका हक था, जो कि रूका हुआ था। भारत देश की लम्बी लोकतांत्रिक यात्रा में ये निर्णय ऐतिहासिक है हम आधी आबादी इसका स्वागत करते हैं और हृदय की गहराईया से माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का धन्यवाद करते हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश ने महिला सशक्तीकरण के एक नए युग में प्रवेश किया। मोदी सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की। लोकसभा और राज्यसभा की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षा के प्रति इच्छाशक्ति का अंदाजा इस बात से लगाइये कि 19 सितम्बर 2023 को नए संसद भवन की कार्यवाही में इस बिल को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम से पेश किया गया।
लोकसभा में ये बिल 454 बनाम 2 के भारी बहुमत से पास हुआ और राज्यसभा में तो इतिहास ही रच गया। जहाँ राज्य सभा सदस्यों ने सर्व सम्मति से इसके पक्ष में वोट किया और विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा। ये कानून हमारे देश की नियति को बदलने वालो कानून है। ये कानून उन करोड़ों महिलाओं के सपने को पंख देगा जो देश की सेवा करना चाहती हैं। जिला और ग्राम पंचायतों में लाखों से अधिक मातृशक्ति देश का गौरव बढ़ा रही हैं। हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने डॉ० बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी के सपने को सच कर दिखाया है। बाबा साहब जी ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा थाकि किसी समाज की प्रगति का अनुमान हम इस बात से लगा सकते हैं कि उस समाज की महिलाओं की तरक्की कितनी है।
नारी तू नारायणी के संकल्प के साथ 2014 से ही महिला सशक्तीकरण पर अनेक प्रयास किए। समाज में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान की चिन्ता की 11 करोड़ शौचालय जिन्हे इज्जत घर का नाम दिया गया। महिला की कठिनाईओं को समझकर उनके हितों का ध्यान रखते हुए एक अच्छी पहल थी। घर-घर जल पहुँचाना, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत में महिलाओं के नाम पर घर, तीन तलाक से मुक्ति के कानून में मुस्लिम समाज की महिलाओं में विश्वास बढ़ाने का कार्य किया। हर गांव में चूल्हा फूंकती महिलाओं के आँखों में आँसू देख उज्ज्वला योजना लाकर फ्री गैस कनेक्शन दिए, कहते महिलायें हैं दो कुलों का नाम रोशन करती हैं लेकिन सच पूछा जाये तो उनका कोई घर नहीं होता। माननीय मोदी जी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को मालिकाना हक देकर उनके नाम की रजिस्ट्री कर उन्हें घर का मालिक बना दिया।
नारी शक्ति वंदन सम्मेलन उत्तर प्रदेश में दिनांक 13 अप्रैल 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ का सीधा प्रसारण इंदिरा भवन, लखनऊ स्थित महिला कल्याण विभाग के सभागार में किया गया। इस अवसर पर सभागार में माननीय कैबिनेट मंत्री, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, राज्य मंत्री महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, अपर मुख्य सचिव, निदेशक महिला कल्याण, निदेशक आईसीडीएस सहित विभागीय अधिकारी, मुख्य सेविकाएं एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों उपस्थित रहीं। प्रदेश के समस्त जनपदों में लाखों की संख्या में मुख्यसेविकाओं, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं व विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने माननीय प्रधानमंत्री जी का संबोधन सुना गया।
माननीय कैबिनेट मंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण एवं महिलाओं को राजनीतिक एवं नेतृत्व क्षमता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के माध्यम से इसकी जानकारी जन-जन तक पहुँचाएं तथा 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर बिल के समर्थन में सहभागिता सुनिश्चित कराएं।
अपर मुख्य सचिव द्वारा भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को महिलाओं की शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित नीतिगत निर्णयों में उनकी आगीदारी सुनिश्चित करने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में माननीय प्रधानमंत्री जी ने अपने उदबोधन में कहा कि इस बिल से महिलाओं के लिए पंचायत से आगे बढ़कर संसद तक पहुंचने का उनका सफर आसान होता जा रहा है। विकसित भारत की यात्रा में महिलाओं की भूमिका और भी अहम हो गई है। भारत 21वी सदी के सबसे बढ़े निर्णयों में से एक निर्णय लेने जा रहा है, यह निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है। राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक पहुंचने की दशकों की प्रतिक्षा के अंत का समय 16, 17 व 18 अप्रैल है।
उन्होंने इस विधेयक के समर्थन में व्यापक जनजागरुकता हेतु विशेष अभियान चलाने का आह्वान किया तथा महिलाओं से सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की







