रिपोर्ट: सत्यदेव पांडे ( ब्यूरो चीफ- सोनभद्र)
चोपन/सोनभद्र। जल, जंगल, जमीन और आदिवासी संस्कृति की रक्षा को लेकर भाकपा के जनसंगठन अखिल भारतीय आदिवासी महासभा की ओर से रविवार को चोपन बैरियर स्थित एक मैरिज हॉल में एक दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता आर. के. शर्मा ने की। सम्मेलन में सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली तथा मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से आए पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस दौरान नवगठित संगठनात्मक टीम का स्वागत करते हुए संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। साथ ही आगामी 1 सितंबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित राष्ट्रीय आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। राष्ट्रीय महासचिव सुखलाल गोरे ने वन अधिकार अधिनियम-2006, पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम सभाओं के अधिकारों की रक्षा तथा आदिवासी समाज को उनके संवैधानिक अधिकार दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। राष्ट्रीय सदस्य समर शास्त्री ने आदिवासी धर्म के लिए अलग धर्म कोड लागू करने और जल, जंगल, जमीन से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मध्य प्रदेश) के राज्य समिति सदस्य संजय नामदेव ने सोनभद्र व सिंगरौली जैसे संसाधन संपन्न क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को रोजगार, प्रदूषण नियंत्रण, आदिवासी भूमि की सुरक्षा तथा शिक्षा और आजीविका से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की मांग की।सम्मेलन में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। अंत में कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा 1 सितंबर के जंतर-मंतर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया गया।









