लखनऊ में रिवर कनेक्ट कैंपेन की पहल, आगरा को विरासत नगर घोषित करने और यमुना संरक्षण पर तत्काल कार्रवाई की मांग
लखनऊ, 26 जून। रिवर कनेक्ट कैंपेन के प्रतिनिधि एवं पर्यावरणविद् डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर आगरा में यमुना नदी से जुड़ी गंभीर समस्याओं, नदी के पुनर्जीवन तथा आगरा को “विरासत नगर” घोषित कर यूनेस्को विश्व धरोहर शहर का दर्जा दिलाने के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की।
डॉ. भट्टाचार्य ने प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति श्री अमृत अभिजात को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आगरा की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्ता का उल्लेख करते हुए शहर को आधिकारिक रूप से “विरासत नगर” घोषित करने तथा यूनेस्को विश्व धरोहर शहर का दर्जा दिलाने के लिए राज्य सरकार से ठोस पहल करने का आग्रह किया गया।
ज्ञापन प्राप्त करते ही प्रमुख सचिव श्री अमृत अभिजात ने इसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बताते हुए कहा, “यह बहुत महत्वपूर्ण मामला है। इस पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।” जब उन्हें बताया गया कि यह विषय लंबे समय से सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “कोर्ट-कचहरी आप देखिए, हम अपनी सरकारी कार्रवाई करेंगे। हर विषय में हम केवल अदालत पर निर्भर क्यों रहें?”
इसके बाद श्री अमृत अभिजात ने तत्काल महानिदेशक पर्यटन श्री वेदपति मिश्र को ज्ञापन सौंपते हुए निर्देश दिए कि आगरा को यूनेस्को विश्व धरोहर शहर का दर्जा दिलाने के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी प्रस्ताव भेजा जाएगा तथा आवश्यक कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ की जाए।
बैठक के दौरान डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने यमुना नदी की लगातार बिगड़ती स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आगरा में यमुना के लिए बैराज निर्माण, नदी में पर्यावरणीय प्रवाह सुनिश्चित करने, प्रदूषण नियंत्रण तथा नदी के समग्र पुनर्जीवन के लिए विशेष कार्ययोजना लागू करने की मांग रखी। उनका कहना था कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि आगरा की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत की आधारशिला है। यदि नदी को पुनर्जीवित नहीं किया गया तो ताजमहल सहित समूची विरासत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता रहेगा।
रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक बृज खंडेलवाल द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में कहा गया है कि आगरा केवल ताजमहल का शहर नहीं, बल्कि भारत की बहुरंगी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत केंद्र है। तीन विश्व धरोहर स्मारकों के बावजूद शहर आज अनियोजित शहरीकरण, अतिक्रमण, प्रदूषण और उपेक्षित विरासत क्षेत्रों जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
ज्ञापन में राज्य सरकार से आगरा को विरासत नगर घोषित करने, यूनेस्को विश्व धरोहर शहर का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार के माध्यम से भेजने, समग्र विरासत संरक्षण नीति लागू करने, यमुना नदी के पुनर्जीवन, विरासत क्षेत्रों के संरक्षण, अतिक्रमण हटाने तथा जनभागीदारी आधारित संरक्षण अभियान चलाने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें की गई हैं।
रिवर कनेक्ट कैंपेन ने आशा व्यक्त की है कि उत्तर प्रदेश सरकार आगरा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में शीघ्र और प्रभावी कदम उठाएगी, जिससे विश्व स्तर पर आगरा को उसकी वास्तविक पहचान और सम्मान मिल सके।
निवेदक
बृज खंडेलवाल
डॉ देवाशीष भट्टाचार्य
महंत नंदन श्रोत्रिय
चतुर्भुज तिवारी
विशाल झा
डॉ ज्योति खंडेलवाल
पद्मिनी अय्यर
दीपक राजपूत
राहुल राज
पंडित जुगल, अभिनव लाला, डॉ हरेंद्र गुप्ता, दिनेश शर्मा, डॉ मुकुल पांड्या
राज कुमार माहेश्वरी, मुकेश चौधरी
एवं समस्त रिवर कनेक्ट टीम









