Etah, शशांक यादव जी चुनाव जीत गए होते, तो आज यही लोग उनकी तारीफ़ों के पुल बाँध रहे होते। लेकिन चुनाव में हार क्या मिली, कुछ लोग उनकी आलोचना करने लगे।
याद रखिए, चुनाव का परिणाम किसी व्यक्ति की काबिलियत, संघर्ष और जनसेवा की भावना का अंतिम प्रमाण नहीं होता। हार और जीत राजनीति का हिस्सा हैं, लेकिन किसी के संघर्ष का सम्मान करना हमारी संस्कृति होनी चाहिए।
शशांक यादव जी, हौसला बनाए रखिए। आज जो आलोचना कर रहे हैं, उन्हें समय और आपका कर्म ही जवाब देगा। जनता के बीच रहिए, लोगों के सुख-दुख में साथ दीजिए और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहिए।
सूरज बादलों से ढक सकता है, लेकिन उसकी चमक कभी खत्म नहीं होती।
आपका संघर्ष ही आपकी असली पहचान है। हार एक पड़ाव है, मंज़िल नहीं। 💐🙏















