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महाराज महेंद्र रिपुदमन सिंह भदावर स्मृति वालीबाल आज़ से , रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

महाराज महेंद्र रिपुदमन सिंह भदावर स्मृति वालीबाल आज़ से

 

आगरा, बाह।

बाह के जूनियर हाईस्कूल मैदान पर 30 अक्टूबर से शुरू हो रही तीन दिवसीय राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन सचिव ह्रदयनरायण शर्मा ने बताया कि यह भव्य टूर्नामेंट भदावर राजघराने के पूजनीय ‘बड़े महाराज साहब’ और उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय राजा महेंद्र रिपुदमन सिंह जी की पावन स्मृति में आयोजित किया जा रहा है।

आयोजन सचिव ह्रदयनरायण शर्मा के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस तीन दिवसीय खेल महोत्सव में देश व प्रदेश की कई नामचीन टीमें अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। टूर्नामेंट का मुख्य आकर्षण उत्तर प्रदेश पुलिस की सशक्त टीम और विभिन्न स्पोर्ट्स हॉस्टल्स के उभरते हुए खिलाड़ियों के बीच होने वाले कांटे के मुकाबले होंगे। शर्मा ने बताया कि खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन और कोर्ट की सभी आधुनिक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। क्षेत्र के खेल प्रेमियों में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। खेल महोत्सव का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल के युवाओं को मंच प्रदान करना और खेल भावना को बढ़ावा देना है।

चंबल में विकास की अलख जगाने वाले जनप्रिय नेता थे महाराज

प्रतियोगिता जिनकी स्मृति में आयोजित हो रही है, उन महाराज महेंद्र रिपुदमन सिंह भदावर का जीवन क्षेत्र के विकास और जनसेवा को समर्पित रहा। भदावर रियासत (चौहान वंश की भदौरिया शाखा) के महाराज महेंद्र रिपुदमन सिंह का विवाह पटना (ओडिशा) के महाराजा सर राजेंद्र नारायण सिंह देव की सुपुत्री महारानी ब्रज श्री देवी के साथ हुआ था।

बाह विधानसभा क्षेत्र की जनता के बीच ‘बड़े महाराज साहब’ के नाम से लोकप्रिय रहे महाराज ने क्षेत्र की राजनीति और सामाजिक दिशा को बदलने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। वे बाह विधानसभा सीट से चार बार (1957, 1974, 1977 और 1980) विधायक चुने गए। वर्ष 1957 के चुनाव में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर अपनी लोकप्रियता साबित की थी। इसके बाद वे उत्तर प्रदेश सरकार में पर्यटन, वन, खेलकूद और युवा कल्याण मंत्री भी रहे। चंबल और यमुना के बीहड़ों से घिरे इस पिछड़े क्षेत्र में वर्ष 1979 में पिनाहट कस्बे में चंबल नहर की परिकल्पना और उसे धरातल पर उतारने का श्रेय उन्हीं को जाता है, जिससे लाखों किसानों की तकदीर बदली।

वर्ष 1991 में उनके निधन के बाद उनकी इस समृद्ध राजनीतिक व सामाजिक विरासत को उनके सुपुत्र पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा महेंद्र अरिदमन सिंह और पुत्रवधू व बाह की वर्तमान विधायक रानी पक्षालिका सिंह पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

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