इलाहाबाद हाईकोर्ट में नाबालिग छात्रा सुकैना रिजवी ने स्कूल की तय ड्रैस के साथ हिजाब पहनने की परमीशन मांगी थी.
हाईकोर्ट ने हिजाब को गैरजरूरी बताया.
HC ने कहा कि स्कूल में सभी सम्प्रदायों के बच्चे पढ़ते है ऐसे में तय ड्रेस एकरूपता बनाने में मददगार है.
इसलिए किसी एक छात्र को उसकी मर्जी के अनुसार ड्रेसकोड तोड़ने की अनुमति नही दी जा सकती है.
सुकैना ने टैगोर स्कूल से 10वीं पास की थी. उसे हिजाब की वजह से स्कूल में 11वीं में दाखिला देने से मना कर दिया गया.
स्कूल की दलील है कि जब सुकैना हिजाब छोड़े तभी दाखिला मुमकिन है.













