*मीडिया अधिकार महासम्मेलन: लखनऊ में गूंजी ‘मीडिया पालिका’ और ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ एवं : विधानसभा, विधान परिषद और राज्यसभा में पत्रकारों के लिए विशेष कोटा तय करने की हुंकार!*
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)।
राजधानी लखनऊ के दारुल सफा स्थित कामन हॉल (बी ब्लॉक सभागार) में भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) कोर कमेटी के तत्वावधान में आयोजित भव्य ‘मीडिया अधिकार महासम्मेलन’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। “नागरिक पत्रकारिता का महासंकल्प” विषय पर केंद्रित इस ऐतिहासिक सम्मेलन में देश और प्रदेश भर से आए सैकड़ों पत्रकारों, विचारकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक सुर में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
सम्मेलन की अध्यक्षता संगठन के संस्थापक एके बिंदुसार ने की, जबकि कार्यक्रम का कुशल संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शमीम आलम ने किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिक पत्रकारिता को संस्थागत दर्जा दिलाना, पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना और मीडिया की स्वतंत्रता को अक्षुण्ण बनाए रखना रहा।
सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव और 5 प्रमुख मांगें
सभागार को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर ‘मिशन 2027’ के तहत मीडिया जगत को सशक्त बनाने का दृढ़ संकल्प लिया। सम्मेलन के दौरान सरकार और प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें पुरजोर तरीके से रखी गईं:
पत्रकार सुरक्षा कानून: देश भर में पत्रकारों की भौतिक, मानसिक और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ को अविलंब लागू किया जाए।
स्वतंत्र ‘मीडिया पालिका’ का गठन: कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका की तर्ज पर मीडिया को मजबूत आधार देने के लिए एक स्वतंत्र ‘मीडिया पालिका’ का गठन हो।
मीडिया कल्याण बोर्ड की स्थापना: देश के सभी राज्यों में पत्रकारों के स्वास्थ्य, दुर्घटना बीमा, पेंशन और आर्थिक सहायता हेतु समर्पित ‘मीडिया कल्याण बोर्ड’ बनाया जाए।
समान अधिकार एवं डिजिटल मान्यता: प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की तर्ज पर उभरते डिजिटल, वेब और क्लाउड मीडिया को समान अधिकार, सुरक्षा और सरकारी मान्यता प्रदान की जाए।
संसदीय एवं विधायी प्रतिनिधित्व: विधानसभा, विधान परिषद और राज्यसभा में पत्रकारों के लिए विशेष कोटा तय किया जाए ताकि मीडिया जगत की समस्याएं सीधे सदन तक पहुंच सकें।
कार्यक्रम में आरटीआई कानून को शक्ति से लागू करने धारा 4 एवं 26 को अमल में लाएं जाने पर भी जोर दिया गया।
वरिष्ठ राजनेता व पदाधिकारियों के जोरदार बयान
“सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी पत्रकारों के हक की लड़ाई” — रविदास मेहरोत्रा
मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं लखनऊ मध्य से विधायक श्री रविदास मेहरोत्रा ने पत्रकारों के संघर्ष का पूर्ण समर्थन किया। अपने ओजस्वी संबोधन में उन्होंने कहा:
“लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत किए बिना एक स्वस्थ और पारदर्शी समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। आज के दौर में निष्पक्ष पत्रकारिता के सामने अनेक चुनौतियां हैं। पत्रकारों को सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक अधिकार मिलना उनका बुनियादी हक है, और इस हक के लिए हम सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाएंगे।”
“नागरिक पत्रकार ही लोकतंत्र की असली रीढ़” — मिंटू राजभर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं पूर्वांचल महापंचायत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मिंटू राजभर ने ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा:
“ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में जमीनी समस्याओं को उजागर करने वाले नागरिक पत्रकार ही सच्चे मायने में लोकतंत्र की रीढ़ हैं। उन्हें उचित सुरक्षा और सम्मान मिलना ही चाहिए।”
“पारदर्शिता का ऐतिहासिक कदम साबित होगी ‘मीडिया पालिका'” — एके बिंदुसार
संगठन के संस्थापक एके बिंदुसार ने अध्यक्षीय भाषण में कहा:
“भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी देश के प्रत्येक पत्रकार के हितों और उनकी गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। ‘मीडिया पालिका’ का गठन मीडिया जगत में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही लाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।”
देश-प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति
महासम्मेलन का सफल संयोजन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शमीम आलम एवं राष्ट्रीय महासचिव एच. के. श्रीवास्तव के नेतृत्व में संपन्न हुआ। सम्मेलन में देश भर से आए राष्ट्रीय, प्रांतीय एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया:
केंद्रीय एवं राष्ट्रीय नेतृत्व:
करन छौकर (केंद्रीय अध्यक्ष, पॉलिसी मेकिंग सुप्रीम कमेटी), मोहम्मद आसिफ अंसारी (संरक्षक व जॉइंट राष्ट्रीय चेयरमैन), राम आसरे (केंद्रीय अध्यक्ष, अनुशासन समिति), कृष्ण माधव मिश्रा (केंद्रीय अध्यक्ष, सलाहकार परिषद), दीपक कुमार गुप्ता (जॉइंट राष्ट्रीय चेयरमैन), अजय सेठ (राष्ट्रीय डिप्टी चेयरमैन), सिम्मी भट्टी (राष्ट्रीय कार्यालय महासचिव) ख्वाजा अब्दुल करीम खान (राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष), मदन मोहन पाठक (जॉइंट केंद्रीय अध्यक्ष, मैनेजमेंट अफेयर्स कमेटी), अभिषेक शर्मा शास्त्री (राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव), विशाल तिवारी राष्ट्रीय महासचिव,
अनवर हुसैन अंसारी (राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी उत्तराखंड) आर डी मीणा (राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी राजस्थान)मुकेश बाबा राष्ट्रीय अध्यक्ष सांस्कृतिक फोरम, राजकुमार प्रसाद गुप्ता केंद्रीय उपाध्यक्ष केंद्रीय मैनेजमेंट अफेयर्स कमेटी (राष्ट्रीय महासचिव)।
प्रदेश एवं जिला संगठन प्रतिनिधि:
बी पी शर्मा (राष्ट्रीय पार्षद एवं प्रदेश प्रवक्ता महाराष्ट्र) सुरेश राजभर (प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश), राहुल गुप्ता (प्रदेश अध्यक्ष, यूथ विंग उत्तर प्रदेश), जितेंद्र कुमार गुप्ता (प्रदेश उपाध्यक्ष), अखिलेश कुमार गुप्ता प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश,पप्पू सिंह प्रदेश महासचिव उत्तर प्रदेश,मनोज कुमार विश्वकर्मा (प्रदेश महासचिव), कौशलेंद्र प्रताप सिंह (प्रदेश सचिव), अर्चना खन्ना (प्रदेश उपाध्यक्ष, महिला सेल), प्रमोद विश्वकर्मा (जिला महासचिव, जौनपुर), राजेश कुमार (जिला सचिव, फतेहपुर), राजेंद्र सिंह चौहान (पूर्व जिला अध्यक्ष, डिजिटल मीडिया सेल, फतेहपुर), नवल कुमार व कमल कुमार (फतेहपुर), अनूप विश्वकर्मा (पूर्व मंडल सचिव, फतेहपुर), संजय कुमार (जिला उपाध्यक्ष, कानपुर), पूजा प्रजापति लखनऊ,रोहित सिंह, सौरभ किसान सिंह, रामनरेश यादव जिला महासचिव एटा,अमन गोस्वामी, अनुराग सिंह, पूजा सिंह वाराणसी,अतुल सिंह,
पूर्वांचल महापंचायत पार्टी के सम्मानित सदस्य- संतोष कुमार राजभर जौनपुर, अंजलि राजभर जौनपुर, डॉक्टर सुनील कुमार यादव , राजेश राजभर लखनऊ,
सहित सैकड़ों प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शमीम आलम ने सभी अतिथियों, पत्रकारों और सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि लखनऊ की धरती से उठी यह हुंकार देश के कोने-कोने तक पहुंचेगी और संगठन पत्रकारों के अधिकारों की इस लड़ाई को और अधिक तीव्रता से आगे बढ़ाएगा।













