*बेटी की विदाई जैसा था बप्पा का विदाई का पल, नम हुईं सभी की आँखें*
*अगले बरस तू जल्दी आना… के जयघोष के साथ गणपति बप्पा को दी भावपूर्ण विदाई*
आगरा। न्यू आदर्श नगर, मणि एंक्लेव, शांति एंक्लेव, बल्केश्वर में चल रहे चौदहवें गणेश महोत्सव का आज गणपति बप्पा की भावपूर्ण विदाई के साथ समापन हुआ। विदाई का पल इतना भावुक था कि बप्पा को विदा करते समय पूरी कॉलोनी की आँखें नम हो गईं। हर चेहरे पर मुस्कान थी, लेकिन आँखों में बिछड़ने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था।गणपति बप्पा की विदाई का दृश्य कुछ ऐसा था, मानो किसी बेटी को उसके मायके से विदा किया जा रहा हो। बप्पा के जाने के साथ ही वह रौनक भी जैसे उनके साथ चली गई, जो पिछले कई दिनों से पूरी कॉलोनी में दिखाई दे रही थी। विदाई के बाद पूरा परिसर सूना-सूना नजर आया और हर किसी के मन में बस यही भाव था—“बप्पा, अगले बरस जल्दी आना।”इस विदाई में सबसे ज्यादा भावुक बच्चे दिखाई दिए। भव्य और आद्या गणेशा को अपना खास दोस्त मानते थे। गणेशा के जाने का दुख दोनों बच्चों के चेहरे पर साफ दिखाई दिया और उनकी आँखों से आँसू छलक पड़े। दोनों को रोता देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो गया। बच्चों को सभी यही समझाते रहे कि “रोओ मत, गणेशा अगले साल फिर आएंगे।”
नूतन शर्मा ने भावुक होकर कहा कि बप्पा की विदाई देखकर ऐसा लग रहा है जैसे एक पिता अपनी बेटी का कन्यादान करके उसे विदा कर रहा हो। बेटी के विदा होने के बाद जिस तरह मायका सूना हो जाता है और घर का सन्नाटा दिल को चुभता है, ठीक वही एहसास आज बप्पा के जाने के बाद हो रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे हमारी अपनी बेटी विदा होकर चली गई हो और पूरा घर सूना हो गया हो।
वहीं मोनल शर्मा ने कहा कि जब तक बप्पा यहाँ विराजमान थे, पूरी कॉलोनी में रौनक, उमंग और खुशियाँ थीं। आज बप्पा के जाते ही वही जगह सूनी-सूनी लग रही है। खासकर बच्चों के लिए गणेशा उनके सच्चे दोस्त थे। उनके जाने से बच्चों का मन उदास है और उनकी आँखों में आँसू हैं। बच्चों को यही भरोसा दिलाया जा रहा है कि अगले वर्ष गणेशा फिर आएंगे और एक बार फिर पूरी कॉलोनी खुशियों से भर जाएगी। गणपति बप्पा की विदाई के दौरान भक्तों ने भावुक मन से जयकारे लगाए और बप्पा से अगले वर्ष शीघ्र आने की प्रार्थना की। चारों ओर एक ही स्वर गूंजता रहा—“गणपति बप्पा मोरया… अगले बरस तू जल्दी आना।”इस अवसर पर न्यू आदर्श नगर, मणि एंक्लेव और शांति एंक्लेव के बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी एवं भक्त उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से नूतन संजीव शर्मा, मोनल संदीप शर्मा, महेश, नीलम अग्रवाल, अजय अग्रवाल, मुस्कान, मीरा, गिरीश चंद, विपिन, निधि, सरोज अग्रवाल, उमेश अग्रवाल, संतोष, सरोज उमेश अग्रवाल, रिचा, आदित्य सहित अनेक भक्तों ने गणपति बप्पा को भावपूर्ण विदाई दी। बप्पा चले गए, लेकिन अपने पीछे छोड़ गए भक्ति, प्रेम और भावनाओं से भरी ऐसी यादें, जिन्हें कॉलोनीवासी लंबे समय तक अपने दिल में संजोकर रखेंगे।
















