विहिप के पूर्व विभागाध्यक्ष/प्रधानाचार्य पंडित रामौतार मिश्र की प्रथम पुण्य तिथि के अवसर पर कासगंज रोड पर स्थित वृद्धाश्रम में भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष आचार्य डॉ. प्रेमी राम मिश्र के साथ सभी जनों ने माता सरस्वती का वंदन- अर्चन किया। मिश्र जी के चित्र पर भी सभी ने पुष्प भेंट किये। सर्वप्रथम डॉ सुधीर पालीवाल नयन ने सुमधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।कृष्ण मुरारी लाल मानव एवं सुभाष चंद्र सनकी ने वातावरण को काव्य मय बना दिया। डॉ सुधीर पालीवाल नयन ने मिश्र जी का स्मरण करते हुए काव्य पंक्तियां सुनाईं-अपनी यादों में तुम्हें शामिल सुबह शाम किया करते हैं, आप हमारे पथ प्रदर्शक हैं हम तुम्हें प्रणाम करते हैं। कविवर बलराम सरस ने सामाजिक चेतना संपन्न लोक गीतों से वातावरण को सरस बना दिया। अशोक सिंह चौहान ने भी भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की। काव्य गोष्ठी के संचालक महेश मंजुल ने युग सत्य का मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया। कविवर दिनेश प्रताप सिंह चौहान ने अपनी गजलों के माध्यम से सामाजिक विडंबना़ओं का बोध कराया। प्रख्यात गीतकार डॉ राकेश मधुकर ने जीवन के कटु सत्य का साक्षात्कार कराया। आचार्य प्रेमी राम मिश्र ने वृद्धाश्रम में निवास करने वाले लोगों को ध्यान में रखकर कविता सुनाई-बुजुर्गों का करें सम्मान वे गुणवान होते हैं, वे अनुभव से भरी पूंजी से ही धनवान होते हैं!
साथ ही अध्यक्ष्यीय उद्बोधन में बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए प्रेरित किया।
वक्ताओं ने मिश्रजी के शिक्षण संस्थान की स्थापना से लेकर संघ परिवार में अपने जीवन के 50 वर्षों के त्याग और कर्मठता पर व्यापक प्रकाश डाला। जाति-पांति की भावना से दूर रहते हुए उनके द्वारा सभी के लिए सहयोग प्रदान करने की अविस्मरणीय प्रवृत्ति का व्यापक उल्लेख किया। उन्होंने अपने प्रिय शिष्य देवेंद्र कुमार लोधी एडवोकेट पर सदा आशीर्वाद बनाए रखा और उन्हें संघ परिवार में निरंतर प्रगति पर आगे बढ़ाते रहे। कार्यक्रम में पंडित राम अवतार मिश्र की धर्मपत्नी मुन्नी देवी मिश्रा, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ दिनेश वशिष्ठ, चेयरमैन प्रतिनिधि पंकज गुप्ता एडवोकेट,अमित दुबे, अमित पांडे ,अशोक सक्सेना, दिनेश चंद्र वर्मा प्रधानाचार्य, देवेंद्र कुमार लोधी एडवोकेट ,सरिता कुमारी एडवोकेट ,पूजा मिश्रा सनी दुबे ,विहिप के श्रराजेश चौहान,वृद्धा श्रम की मिथिलेश कुमारी ,विनीत उपाध्याय,संदीप शर्मा ,राजेंद्र मिश्रठ आदि की उल्लेखनीय है उपस्थिति रही। इस अवसर पर सभी लोगों को सुमधुर स्वादिष्ट भोजन प्रदान कराया गया। मिश्रा जी के सुपुत्र अभिनव मिश्र सभी मंचासीन कवियों एवं विशिष्ट जनों का शाल उड़ा कर एवं माला पहनकर सम्मान किया।
















