*कांग्रेस की प्रेस वार्ता में नहीं दिखे सपा नेता, एटा में इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर उठे सवाल*
*एटा।* कांग्रेस कार्यालय पर शुक्रवार को इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित संयुक्त प्रेस वार्ता और पैदल मार्च को लेकर कांग्रेस पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस वार्ता में निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विभिन्न मुद्दे उठाए गए। हालांकि, कार्यक्रम में गठबंधन के घटक दल समाजवादी पार्टी की ओर से कोई प्रमुख पदाधिकारी या कार्यकर्ता दिखाई नहीं दिया। सीपीएम नेता राजाराम यादव की उपस्थिति जरूर रही।प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं की ओर से कहा गया कि कार्यक्रम के लिए समाजवादी पार्टी के नेताओं को आमंत्रित किया गया था, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। कांग्रेस ने यह भी संकेत दिया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी जिले की चारों विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है।सपा नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर अब एटा में इंडिया गठबंधन की आपसी समन्वय व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक हलकों में इसे दोनों दलों की अलग-अलग रणनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।कांग्रेस नेताओं ने लोकसभा चुनाव के दौरान का संदर्भ देते हुए कहा कि उस समय जिले में समाजवादी पार्टी के चुनाव कार्यालय की अलग व्यवस्था नहीं होने पर कांग्रेस ने अपना कार्यालय उपलब्ध कराया था और गठबंधन के तहत सपा प्रत्याशी के चुनाव में सहयोग किया था। अब कांग्रेस के कार्यक्रम में सपा की अनुपस्थिति को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में भी चर्चा है।इधर, आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की ओर से चारों सीटों पर चुनाव लड़ने की बात सामने आने के बाद गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है। एटा में कांग्रेस और सपा आगे किस प्रकार चुनावी तालमेल करती हैं, यह आने वाले समय में सामने आएगा फिलहाल प्रेस वार्ता में सपा की अनुपस्थिति ने जिले में इंडिया गठबंधन की एकजुटता और दोनों दलों के बीच स्थानीय स्तर पर तालमेल को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।















