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पितृपक्ष में घर-घर तर्पण… मोक्षधाम में अपनों की राह ताक रहे 100 अस्थि कलश!
अलीगंज के स्वर्गाश्रम मोक्षधाम में करीब 100 अस्थि कलश वर्षों से अपनों के लौटने का इंतजार कर रहे बताए जा रहे हैं।
अंतिम संस्कार के बाद अलग-अलग परिवार अस्थियां यहां रखकर चले गए, लेकिन कई परिवार फिर कभी लौटकर नहीं आए।
एक तरफ पितृपक्ष में पूर्वजों के तर्पण और पिंडदान की रस्में निभाई जा रही हैं, दूसरी तरफ इन कलशों की खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है।
मोक्षधाम में कतारबद्ध अस्थि कलशों का दृश्य देखकर हर किसी के मन में एक ही सवाल—क्या अपनों की अंतिम निशानी भी भुला दी गई?
केयरटेकर घमंडी बाबा ने कहा—जिन परिवारों की अस्थियां यहां रखी हैं, उन्हें आगे की धार्मिक प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
किसी कलश में पिता की अस्थियां होंगी, किसी में मां की… लेकिन वर्षों से सबकी निगाहें अपने-अपने अपनों के लौटने पर टिकी हैं।
अलीगंज से सामने आई यह तस्वीर पितृपक्ष में रिश्तों, जिम्मेदारी और अपनों की अंतिम विदाई पर सोचने को मजबूर करती है।















