एक शाम: अंग्रेज़ और भारतीय सुंदरियों के नाम- अनिल शुक्ला
आज शाम मैं और मनीषा शीरोज़ हेंग आउट में थे. मौका था ‘छाँव फाउंडेशन’ की सालगिरह और इंग्लैंड की ‘अ सिस्टरहुड’ तथा ‘मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन’ संस्थाओं के साथ उनकी मित्रता की दसवीं वर्षगांठ के जश्न का. इस शाम वहां यूके. की मिस यूनिवर्स एंजिला औमोनर सहित ‘अ सिस्टरहुड’ की डायरेक्टर पौला अबेन्डोनाटो और ब्रिटिश सौन्दर्य प्रतियोगिताओं में विजेता दूसरी सुंदरियां मौजूद थीं. जिस तरह भारत में ‘छाँव फाउंडेशन’ और उनका घटक ‘ शीरोज़ हेंगआउट’ एसिड हमलों की शिकार महिलाओं को स्वस्थ बनाकर जिंदगी की दूसरी पारी खेलने की हिम्मत और भरोसा दिलाने में मददगार साबित हो रहे हैँ उसी तरह ‘अ सिस्टरहुड’ सारी दुनिया की लड़कियों के बीच सशक्तिकरण के नए सूत्र पिरो रही हैँ. वे उनके अंदर लड़ने और आगे निकलने के जज़्बे को बढाकर उनके भीतरी सौन्दर्य को प्रोत्साहित कर रही हैँ. एसिड हमलों से जीवित बचकर निकली भारतीय ‘सुंदरियों’ ने आज की शाम इन 12 अंग्रेज़ नवयुवतियों और दूसरे श्रोताओं को, शीरोज़ और ‘छाँव फाउंडेशन’ की छाँव में हुए आपने विकास की कहानियां सुनाकर बेतरह हिला दिया. यह शाम सकारात्मकता के विचारों की बयार बहाने वाली शाम थी. इस शाम ने वहां मौजूद आगरा की प्रबुद्ध महिलाओं और पुरुषों को रोमांचित कर डाला. 24सितंबर की यह शाम वहां मौजूद सभी संवेदनशील स्त्री-पुरुषों लिए सदैव अविस्मरणीय बनी रहेगी.















