आगरा में एमएलसी चुनाव में बवाल, सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल फूट-फूटकर रोए
प्रेस से बातचीत के दौरान अचानक रो उठे सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल।
सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल रो-रोकर बोले- दिल्ली की जामा मस्जिद जाकर इस्लाम कबूल कर लूंगा, भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया, गाड़ियों को मतदान केंद्र के पास जाने से रोकने पर भड़का विवाद
आगरा। आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र स्थित पुरानी मंडी में एमएलसी चुनाव के दौरान उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब मतदान केंद्र के आसपास गाड़ियों की आवाजाही को लेकर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। घटना के बाद सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल भावुक नजर आए और कैमरे के सामने फूट-फूटकर रो पड़े।
सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उनकी गाड़ियों को मतदान केंद्र के भीतर या उसके नजदीक जाने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि भाजपा के करीब 8 से 11 वाहनों के काफिले को मतदान केंद्र के पास तक पहुंचने दिया गया। इसी को लेकर सपा समर्थकों ने आपत्ति जताई और मतदान प्रक्रिया में समानता को लेकर सवाल खड़े किए।
गाड़ियों को लेकर आमने-सामने आए दोनों दलों के कार्यकर्ता
बताया जा रहा है कि पुरानी मंडी स्थित मतदान केंद्र पर एमएलसी चुनाव के दौरान वाहनों की आवाजाही को लेकर विवाद की शुरुआत हुई। सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके वाहनों को मतदान केंद्र के आसपास पहुंचने से रोका गया। वहीं, उनका दावा है कि दूसरी ओर भाजपा समर्थकों के कई वाहन एक साथ मतदान केंद्र के नजदीक तक पहुंच गए। इसी को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। देखते ही देखते दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए और मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। सपा कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि यदि सुरक्षा और व्यवस्था के नाम पर उनकी गाड़ियों को मतदान केंद्र से दूर रोका जा रहा था, तो भाजपा के वाहनों के काफिले को इतनी नजदीक तक जाने की अनुमति क्यों दी गई?
भावुक हुए सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल
विवाद के बीच सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल बेहद भावुक नजर आए। वह फूट-फूटकर रोते हुए दिखाई दिए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए और भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया। भावुक अवस्था में उन्होंने यहां तक कहा कि अगर उनके साथ इसी तरह का व्यवहार होता रहा तो वह दिल्ली की शाही जामा मस्जिद जाकर इस्लाम कबूल कर लेंगे। उनके इस बयान के बाद मौके की राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई। हालांकि, उनके इस बयान के पीछे की पूरी परिस्थिति और उन्होंने किन परिस्थितियों में यह बात कही, यह उनके विस्तृत बयान और पूरे घटनाक्रम के संदर्भ से ही स्पष्ट हो सकेगा।
सपा ने उठाए चुनावी निष्पक्षता पर सवाल
सपा कार्यकर्ताओं ने पूरे घटनाक्रम को लेकर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मतदान केंद्र पर सभी प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के समर्थकों के लिए एक समान नियम लागू होने चाहिए। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एक पक्ष के वाहनों को रोका गया, जबकि दूसरे पक्ष के वाहनों को मतदान केंद्र के करीब तक जाने दिया गया। इसी कथित असमानता को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली।
मौके पर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
घटना के बाद पुरानी मंडी क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। दोनों पक्षों के समर्थक अपने-अपने आरोपों और दावों के साथ सामने आए। विवाद के चलते कुछ समय के लिए मौके का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। एमएलसी चुनाव जैसे महत्वपूर्ण चुनाव के दौरान मतदान केंद्र के आसपास इस तरह का विवाद सामने आने से पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रूप ले लिया। अब निगाहें इस बात पर हैं कि चुनाव प्रशासन और पुलिस की ओर से मामले में क्या तथ्य सामने रखे जाते हैं और वायरल वीडियो अथवा मौके पर मौजूद लोगों के बयानों से घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।
आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी
फिलहाल सपा की ओर से भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग और वाहनों को लेकर भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। मतदान केंद्र पर वास्तव में क्या हुआ और वाहनों को लेकर किस तरह के निर्देश लागू थे, इसकी स्थिति संबंधित प्रशासनिक जांच या आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।














