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आंबेडकर विश्वविद्यालय में ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस 2026’ का शुभारंभ, छात्र सीखेंगे एआई की बारीकियां, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*आंबेडकर विश्वविद्यालय में ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस 2026’ का शुभारंभ, छात्र सीखेंगे एआई की बारीकियां*

 

*- योगी सरकार के विजन के अनुरूप युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने पर जोर*

 

*- 850 विद्यार्थियों को एआई और जेन एआई में दिया जा रहा 300 घंटे से अधिक का प्रशिक्षण*

 

*- सैमसंग के कॉरपोरेट वाइस प्रेसिडेंट ने कहा- तकनीक के उपभोक्ता नहीं, नवप्रवर्तक बनें युवा*

 

*आगरा, 03 अक्टूबर।* योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकार की इसी मंशा के अनुरूप शनिवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के खंदारी स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के शिवाजी मंडपम में ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस भव्य कार्यक्रम के साथ विश्वविद्यालय के तकनीकी सफर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

 

*सरकार की मंशा के अनुरूप तकनीकी दक्षता पर जोर*

कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा, उद्योग और समाज की साझेदारी से विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है। प्रदेश सरकार के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन को बल देते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में एआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), बिग डेटा और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी तकनीकी दक्षता राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को ‘स्किल विद टेक्नोलॉजी’ के साथ-साथ ‘स्किल विद वैल्यूज’ (संस्कारों के साथ कौशल) अपनाने और समाज की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया।

 

*300 घंटे के प्रशिक्षण से 850 युवाओं को मिलेगा नया मुकाम*

डॉ. भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय, सैमसंग और स्वदेश संस्था के बीच हुए एमओयू के तहत इस कैंपस की शुरुआत की गई है। इसके प्रथम चरण में 850 विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और जेनरेटिव एआई (जेन एआई) में 300 घंटे से अधिक का थ्योरी और प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सिर्फ प्रमाणपत्र तक सीमित न रखकर उन्हें प्रोजेक्ट-आधारित समाधान, नवाचार और रोजगारपरक कौशल के लिए तैयार करना है।

 

*कुलपति ने किया आईओटी लैब की स्थापना की मांग*

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि हमारा दायित्व केवल डिग्रियां बांटना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता और आत्मविश्वास विकसित करना है। उन्होंने युवाओं को ‘Competence, Creativity और Character’ (दक्षता, रचनात्मकता और चरित्र) के तीन सूत्र अपनाने का मंत्र दिया। कुलपति ने कहा कि ये 850 विद्यार्थी केवल सीखने वाले नहीं हैं, बल्कि ये 850 नए विचार और नवाचार की संभावनाएं हैं। इसके साथ ही उन्होंने सैमसंग से विश्वविद्यालय में शीघ्र एक आधुनिक इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) लैब स्थापित करने का भी आग्रह किया, जिससे विद्यार्थियों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण और बेहतर प्लेसमेंट मिल सके।

 

*तकनीक के उपभोक्ता नहीं, नवप्रवर्तक बनें छात्र*

कार्यक्रम में मौजूद सैमसंग के कॉरपोरेट वाइस प्रेसिडेंट (साउथ वेस्ट एशिया) एस.पी. चुन ने कहा कि सैमसंग पिछले 30 वर्षों से भारत के विकास में अपना योगदान दे रहा है। उन्होंने युवाओं से तकनीक का केवल उपभोक्ता न बनकर निर्माता और नवप्रवर्तक बनने का आह्वान किया। वहीं आईईटी के निदेशक प्रो. मनु प्रताप सिंह ने कहा कि आधुनिक इंजीनियरिंग शिक्षा को सिर्फ कक्षाओं तक सीमित न रखकर वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ना बेहद आवश्यक है।

 

इस अवसर पर सैमसंग इंडिया के सीएसआर हेड शुभम मुखर्जी, स्वदेश संस्था के अध्यक्ष डॉ. राजीव निगम, कुलसचिव अजय मिश्रा, वित्त अधिकारी सुदर्शन, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओम प्रकाश, प्रो. बी.पी. सिंह, प्रो. संजय चौधरी, प्रो. अर्चना सिंह सहित कई शिक्षक और अधिकारी उपस्थित रहे।

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