रिपोर्ट: एके बिन्दुसार (प्रधान- संपादक)
- बंधक बनाए गए युवकों से करते थे मारपीट औढ़े में छापेमारी हड़कम्प
वाराणसी/-नेटवर्किंग कंपनी में नौकरी के नाम पर रोहनिया के औढ़े में बंधक बनाए गए युवक-युवतियों को दहशत में रखा जाता था। किसी भी विरोध पर उनसे मारपीट की जाती थी।उन्हें कहीं भी आने-जाने की इजाजत नहीं थी।मुक्त कराए गए युवक-युवतियों ने पुलिस को बताया कि तीन मंजिला भवन मेंही सभी रहते थे। यहीं खाने-पीने आदि का प्रबंध किया जाता था। घर या फिर किसी बाहरी से यहां के कामकाज के बारे न बताने की सख्त मनाही थी। उन पर बराबर नजर भी रखी जाती थी इसके लिए तरह-तरह से दबाव बनाया जाता था। बताया कि कोई विरोध करता था तो उनके साथ मारपीट की जाती थी। रिश्तेदारों, परिचतों, कंपनी की ओर से दिए गए नंबरों पर संपर्क कर लोगों को जोड़ने के लिए दबाव बनाया जाता था। पुलिस की कार्रवाई में मुक्त कराए गए पीड़ित बिहार और झारखंड के सुदूर जनपदों के हैं।नौकरी के लिए कंपनी के संपर्क में आ गए थे। एसीपी विदुष सक्सेना ने बताया कि कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों से गहनता से पूछताछ की जा रही है।कड़ियों को जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।









