ज्ञान बिना भक्ति और भक्ति बिना मुक्ति असंभव* *मानव जीवन परमात्मा की भक्ति के लिए मिला है- निरंकारी संत, रिपोर्ट अमित दयाल

*ज्ञान बिना भक्ति और भक्ति बिना मुक्ति असंभव*

 

*मानव जीवन परमात्मा की भक्ति के लिए मिला है- निरंकारी संत।*

 

*एटा* -संत निरंकारी मिशन के तत्वाधान में निरंकारी सत्संग का आयोजन जिला एटा के जलेसर विकासखंड के गांव कुल्हरिया में हुआ। यहां पर निरंकारी मिशन के आगरा जोन के जोनल इंचार्ज एचo केo अरोरा ने सैकड़ो श्रद्धांलुओं को निरंकारी सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज के पावन सन्देश को दिया।

 

आपने बताया कि मानव जीवन परमात्मा की प्राप्ति के लिए मिला। धर्म ग्रन्थ भी मानव जीवन की श्रेष्टता को दर्शाते है। खान- पान,रहन- सहन व बच्चे आदि क्रिया कलाप तो पशु भी कर रहे है। परन्तु परमात्मा की प्राप्ति (आत्म बोध ) के कारण ही मानव जीवन उत्तम और श्रेष्ठ कहलाता है। ज्ञान बिना भक्ति, और भक्ति बिना मुक्ति असंभव है।

 

निरंकारी संत ने बताया कि सतगुरू ब्रह्मज्ञान का वो प्रकाश है जो मानव जीवन के जन्म जन्मांतर के सभी भ्रम भ्रान्तियों एवं अज्ञानता रुपी अंधकार को एक क्षण में ही ब्रह्मज्ञान (आत्म ज्ञान) के द्वारा समाप्त कर देता है। वर्तमान समय में निरंकारी सतगुरू माता सुदीक्षा महाराज ब्रह्मज्ञान द्वारा समस्त संसार को वसुदेव कुटुंबकम की भावना से जोड़कर प्यार- नम्रता, सहन- शीलता, जैसे दिव्य गुणों को अपनाने की शिक्षा प्रदान कर रही है साथ ही मानव को हो मानव प्यारा, एक दूजे का बने सहारा। निरंकारी मिशन के मूल सिद्धांतो को लेकर विश्व बन्धुत्व, मानव एकता का परिचम लहरा रहा है।

सत्संग के दौरान एटा, जलेसर, अवागढ़, कलियान पुर,निधोली कलां, इटावा, फिरोजाबाद, आगरा, एवं मथुरा से सैकड़ो निरंकारी श्रद्धांलु उपस्थित रहे।

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