अलीगंज थाने पर पीड़ित को नहीं मिला न्याय, रिपोर्ट बी के दीक्षित

*अलीगंज थाने पर पीड़ित को नहीं मिला न्याय पुलिस कर्मियों ने गुमराह कर घर भेजा बिना मजरूमी चिट्ठी दिए डॉक्टरी की बात पर उठे सवाल*

 

अलीगंज थाना क्षेत्र में एक मारपीट के पीड़ित को कथित तौर पर थाने में न्याय नहीं मिला। शिकायत दर्ज कराने पहुंचे पीड़ित को पुलिसकर्मियों ने गुमराह कर वापस घर भेज दिया। यह घटना अलीगंज के चमन नगरिया स्थित एक बंजारे समाज के व्यक्ति के साथ हुई।

 

जानकारी के अनुसार, पीड़ित मारपीट में घायल अवस्था में थाने पहुंचा था। उसने न्याय की गुहार लगाई, लेकिन आरोप है कि थाने में मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने उसे गुमराह किया और बिना किसी कार्रवाई के घर भेजने का प्रयास किया।

 

जब यह मामला मीडिया तक पहुंचा और पत्रकारों ने थाने के बाहर पीड़ित से बात की, तो दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित को बिना ‘मजरूमी चिट्ठी’ (चोट संबंधी मेमो) के डॉक्टरी कराने की बात कही और उसे फिर से घर भेजने का प्रयास किया।

 

इस घटना से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। नियमानुसार, किसी भी घायल व्यक्ति की डॉक्टरी जांच के लिए ‘मजरूमी चिट्ठी’ का होना आवश्यक होता है। पूर्व में ऐसे मामले सामने आए हैं जहां माननीय न्यायालय द्वारा मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिए जाने के बावजूद, डॉक्टरी रिपोर्ट के अभाव में मुकदमे खत्म कर दिए गए। ऐसे में बिना मजरूमी चिट्ठी के डॉक्टरी जांच की बात करना प्रक्रिया का उल्लंघन माना जा रहा है।

 

अलीगंज थाने के इस रवैये से क्षेत्र के लोगों का पुलिस पर से विश्वास कम होता दिख रहा है। पीड़ितों को न्याय न मिलने पर उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर मजबूर होना पड़ता है। कई बार मुकदमे दर्ज तो होते हैं, लेकिन बाद में हल्का प्रभारी द्वारा उन्हें समाप्त कर दिया जाता है, जिससे न्याय की प्रक्रिया बाधित होती

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