*आशीष मिश्रा केस में सुस्त पड़ी गवाही,एससी ने मांगी लखीमपुर हिंसा पर स्टेटस रिपोर्ट*
नई दिल्ली।उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में साल 2021 का चर्चित हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को अहम सुनवाई हुई।एससी ने निचली अदालत में चल रही सुनवाई (ट्रायल) की धीमी रफ्तार पर गहरी चिंता और निराशा जताई है।एससी ने निर्देश दिया कि निचली अदालत में चल रही सुनवाई को तय समय पर पूरा किया जाना चाहिए।
बता दें कि इस मामले के मुख्य आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा हैं।कोर्ट ने गवाहों की गैर-हाजिरी और धमकी देने के आरोपों को गंभीरता से लिया है और जांच अधिकारी से ताजा स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
*सरकारी गवाहों की गैर हाजिरी पर सवाल*
आरोपी आशीष मिश्रा के वकील सिद्धार्थ दवे ने कोर्ट को बताया कि पिछले दो महीनों से किसी भी गवाह से पूछताछ नहीं हुई है।उन्होंने कहा कि कई गवाहों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद कोई पेश नहीं हो रहा है।सिद्धार्थ दवे ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल गवाहों में से सिर्फ 44 से ही पूछताछ हो पाई है।इस पर सीजेआई ने सख्त रुख अपनाते हुए सवाल किया कि सरकारी गवाह कैसे गैर-हाजिर हो सकते हैं।सीजेआई ने सुझाव दिया कि अगर अदालत तीन गवाहों को बुलाती है, तो उसकी जगह 7 से 8 गवाहों को बुलाना चाहिए,इससे अगर कोई एक गवाह नहीं आता,तो दूसरे गवाह से पूछताछ कर समय बचाया जा सके।
*गवाहों को धमकी देने का आरोप*
सुनवाई के दौरान वकील प्रशांत भूषण ने गंभीर आरोप लगाया। प्रशांत भूषण ने कहा कि गवाही से पहले पुलिस गवाहों को डरा रही है और धमकी दे रही है,जिस वजह से वे कोर्ट आने से कतरा रहे हैं। एससी ने लेटेस्ट रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि पहले ट्रायल में कुल 238 गवाह हैं,इनमें से अभी 124 गवाहों की पूछताछ बाकी है,जबकि अब तक सिर्फ 44 गवाहों के ही बयान दर्ज हुए हैं।एससी ने कहा कि लेटेस्ट रिपोर्ट से पता चलता है कि पहले ट्रायल में 238 गवाह हैं, जिनमें से 124 से पूछताछ होनी बाकी है।अब तक सिर्फ 44 से पूछताछ हुई है,हमें ये देखकर निराशा हुई कि स्टेटस रिपोर्ट में गवाह के पेश न होने की कोई वजह नहीं बताई गई है।हम जज को गवाहों की मौजूदगी पक्का करने के लिए कानूनी कदम उठाने का निर्देश देते हैं।






