*लोकतंत्र बचाओ, पत्रकारिता बचाओ:* *आजादी-ए-अभिव्यक्ति और पत्रकार सुरक्षा के लिए 24 अगस्त को लखनऊ में शंखनाद!*
*भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) के संस्थापक एके बिंदुसार का देश-प्रदेश के पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम ऐतिहासिक आह्वान एवं हुंकार।*
*कार्यक्रम की प्रस्तावना: लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर गहराता संकट और हमारी जिम्मेदारी*
*स्थान* – लखनऊ विधानसभा भवन के सामने। दारुल सफा कॉमन हॉल बी ब्लॉक के सभागार में दिनांक 24/08/2026 (अगस्त) को सुबह 10 बजे से महासम्मेलन:
रिपोर्ट: शमीम आलम
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी।
लखनऊ। स्वतंत्रता के बाद से भारतीय लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानी जाने वाली निष्पक्ष पत्रकारिता आज अपने सबसे गंभीर दौर से गुजर रही है। सच्चाई दिखाने वाले कलमकारों, जमीनी स्तर पर काम करने वाले रिपोर्टरों और निष्पक्ष डिजिटल पत्रकारों की आवाज को दबाने की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में चुप बैठना लोकतंत्र के मूल ढांचे से समझौता करने के समान है।
इसी संकल्प और दायित्व को ध्यान में रखते हुए भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल कोर कमेटी) ने पूरे देश में पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को एकजुट करने का एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है।
आगामी 24 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित दारुल सफा कॉमन हॉल (विधानसभा भवन के ठीक सामने, बी-ब्लॉक सभागार) में प्रात: 10:00 बजे से ऐतिहासिक ‘मीडिया अधिकार महासम्मेलन’ का आयोजन किया गया है।
यह केवल एक सभा या सम्मेलन नहीं है, बल्कि देश के हर उस व्यक्ति की आवाज का महा-आंदोलन की शुरुआत है जो संविधान, अभिव्यक्ति की आजादी और सामाजिक न्याय में विश्वास रखता है।
यूनियन के संस्थापक एके बिंदुसार का देश के नाम खुला संदेश और हुंकार
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के संस्थापक एके बिंदुसार ने देश और प्रदेश के कोने-कोने में फैले प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल मीडिया से जुड़े समस्त पत्रकार बंधुओं, सामाजिक चिंतकों और अधिकार वंचित एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक संदेश जारी किया है:
> “साथियो! लोकतंत्र की नींव केवल संसद या विधान सभाओं से मजबूत नहीं होती, बल्कि उसकी असली ताकत निष्पक्ष पत्रकारिता और जागरूक नागरिकों की स्वतंत्रता में निहित है। आज हमारे पत्रकार भाई-बहन अपनी जान जोखिम में डालकर सच सामने लाते हैं, लेकिन जब उनके अपने अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य-बीमा की बात आती है, तो उन्हें अकेला छोड़ दिया जाता है।
> हमारा यह महा-आंदोलन किसी भी दल, राजनीति या व्यक्तिगत हित से प्रेरित नहीं है। हमारा एकमात्र उद्देश्य है—लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को पुनः सशक्त बनाना, संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों का संरक्षण करना और पत्रकार सुरक्षा कानून को धरातल पर उतारना।
> मैं देश-प्रदेश के प्रत्येक पत्रकार साथी, हर निर्भीक यूट्यूबर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, आरटीआई कार्यकर्ता और समाज सेवी से अपील करता हूँ: 24 अगस्त को लखनऊ आइए! अपनी कलम, अपने कैमरे और अपनी आवाज को एकजुट कर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सभागार से लेकर लखनऊ के पावन धरा पर यह साबित कीजिए कि सच को दबाया नहीं जा सकता। जब तक कलम आजाद है, तब तक देश की तरक्की और लोकतंत्र सुरक्षित है।”
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महासम्मेलन के मुख्य विषय एवं ज्वलंत मांगें
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के नेतृत्व में सम्मेलन के मुख्य एजेंडे तय किए गए हैं:
पत्रकार सुरक्षा अधिनियम की मांग: उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कड़ा और प्रभावी ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ लागू किया जाए।
‘मीडिया पालिका’ और ‘मीडिया कल्याण बोर्ड’ का गठन: प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों के आर्थिक, सामाजिक, स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा जैसे जनकल्याणकारी हितों के लिए एक स्वतंत्र सरकारी बोर्ड और ‘मीडिया पालिका’ की स्थापना हो।
डिजिटल और स्वतंत्र पत्रकारों को मान्यता: केवल पारंपरिक बड़े मीडिया घरानों ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम कर रहे डिजिटल और स्वतंत्र पत्रकारों को भी सरकारी योजनाओं और सुरक्षा कवर से जोड़ा जाए।
सूचना के अधिकार (RTI) का सुदृढ़ीकरण: प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए आरटीआई कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को विशेष संरक्षण दिया जाए।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा: संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत मिले बोलने और विचार व्यक्त करने के मौलिक अधिकार पर हो रहे कुठाराघात के खिलाफ मजबूत रणनीति।
सामाजिक समरसता और जन-समस्याएं: समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज उठाने के साथ-साथ प्रदेश के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर गंभीर विमर्श।
शीर्ष नेतृत्व, गणमान्य अतिथि एवं व्यापक समर्थन-
लखनऊ के मध्य-174 क्षेत्र से लोकप्रिय विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री (समाजवादी पार्टी) श्री रविदास मेहरोत्रा मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। उनके विचार नीतिगत और संवैधानिक स्तर पर इस आंदोलन को नई दिशा प्रदान करेंगे।
विशेष अतिथि के रूप में पूर्वांचल महापंचायत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मिंटू राजभर पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने के लिए इस साझा मंच को अपना पूर्ण समर्थन दे रहे हैं।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शमीम आलम के कुशल संचालन में होने वाले इस कार्यक्रम में देश-प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में पत्रकार संगठन, ट्रेड यूनियनें, सामाजिक संस्थाएं और समान विचारधारा वाले प्रबुद्ध नागरिक हिस्सा ले रहे हैं।
विशेष सूचना – राष्ट्रीय कोर कमेटी के शीर्ष पदाधिकारियों के आगमन की आधिकारिक सूची 20 अगस्त को जारी होगी। |
*अपनी लड़ाई, अपना अधिकार*
यदि हम आज अपनी सुरक्षा और अधिकारों के लिए आवाज नहीं उठाएंगे, तो आने वाली नस्लों को निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल नहीं मिल पाएगा। 24 अगस्त 2026 का दिन उत्तर प्रदेश और देश के मीडिया इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
सभी पत्रकार साथियों और समर्थकों से आग्रह है कि समय से लखनऊ पहुँचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और निष्पक्ष पत्रकारिता के इस महा-यज्ञ में अपनी आहुति दें।













