WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.48 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50 PM

स्मिथ जी के निधन पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के द्वारा एक शोक संदेश जारी कर दुःख जता श्रद्धानजलि, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

ग्रा प ए ने दुःख जताया

 

नई दिल्ली। आगरा में चालीस सालों से भी ज्यादा समय तक पी टी आई के लिए सेवा देने बाले नेविल स्मिथ जी विगत दिवस नहीं रहे। उनका निधन अपनी बेटी के यहाँ अटेक पड़ने केबाद देहरादून के अस्पताल में निधन हुआ।

स्मिथ जी के निधन पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के द्वारा एक शोक संदेश जारी कर दुःख जता श्रद्धानजलि दी है। संदेश देने वालों में राष्ट्रीय अद्ध्यक्ष् देवी प्रसाद गुप्ता, उपाद्धयक्ष शंकर देव तिवारी महासचिव प्रवीण चौहान, सचिव व प्रवक्ता नरेश सक्सेना, कोषाद्धयक्ष अतुल कपूर व राजस्थान के सह संयोजक श्याम सुंदर पारासर के नाम प्रमुख हैं।

आगरा के वरिष्ठतम पत्रकार व आर बी एस कॉलेज के अंग्रेजी विषय के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉक्टर नेविल स्मिथ का देहांत सहारनपुर में अपनी पुत्री के निवास पर आज बुधवार देर शाम 86 वर्ष की आयु में हृदयघात के कारण हो गया। वे आगरा के विख्यात पत्रकार स्वर्गीय टॉमस स्मिथ के पुत्र थे और पत्रकारिता में पांच दशक तक पी टी आई और द स्टेट्समैन समाचार पत्र से जुड़े रहे। आपने अपने जीवन में पत्रकारिता से जुड़ी कई पुस्तक का लेखन किया और शहर की अंग्रेजी पत्रकारिता के प्रमुख स्तंभ के रूप में जाने जाते रहे। डॉक्टर स्मिथ मूल रूप से पुराने आगरा शहर के घटिया क्षेत्र में अपने पुश्तैनी मकान में रहा करते थे और कुछ समय उन्होंने आवास विकास क्षेत्र में भी बिताया। अपने ज्ञान, ईमानदार छवि व सशक्त लेखन के लिए डॉक्टर स्मिथ हमेशा जाने जाते रहेंगे।

उनके करीबी और राजा बलवंत सिंह महाविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग में कार्यरत प्रो संजय कुमार मिश्र ने बताया कि 14 जून को डॉक्टर स्मिथ को हृदयघात हुआ था और वह देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। वह अपनी पुत्री के साथ सहारनपुर में पिछले कुछ वर्ष से रह रहे थे. संजय कुमार मिश्र के अनुसार डॉ . स्मिथ के निधन के साथ एक युग का अन्त हो गया है। वह योग्य , कर्मठ और ईमानदार शिक्षक, पत्रकार और आगरा के जानकर के रूप में जाने जाते थे। अभी हाल ही में उन्होंने आगरा के इतिहास पर एक पुस्तक लिखी थी, जिसका विमोचन एक-दो महीनों में होने की योजना थी ।।

Leave a Comment