मिरहची में दहाड़े आरपीएसएस के जवान* *हिंदी पत्रकारिता दिवस से पत्रकारों में जगी बदलाव की आस

*मिरहची में दहाड़े आरपीएसएस के जवान*

 

*हिंदी पत्रकारिता दिवस से पत्रकारों में जगी बदलाव की आस*

 

*9 जिलों के कलमकारों ने ली ‘अब और नहीं सहेंगे’ की शपथ, RPSS बना उम्मीद की नई किरण*

 

*राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान- ‘कलम पर हमला, लोकतंत्र पर हमला’, हर जिले में बनेगी RPSS की ‘ सहायता इकाई’*

एटा । जनपद के मिरहची में 30 मई को राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ द्वारा मनाया गया हिंदी पत्रकारिता दिवस भारत के इतिहास में यह पावन दिन पहली बार “हिंदी पत्रकारिता दिवस” के साथ-साथ “पत्रकार स्वाभिमान दिवस” के रूप में दर्ज माना गया । मिरहची की श्रीमती जावित्री देवी वाटिका उस समय कलम के सिपाहियों की “धर्मस्थली” बन गई जब राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद उर्फ बबलू चक्रवर्ती के एक आह्वान पर देश की राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीच के जिला अलीगढ़,आगरा, फिरोजाबाद, हमीरपुर और एटा, कासगंज सहित 9 जिलों के क्रांतिकारी पत्रकारों समाचार वितरक से लेकर छायाकार और संपादक के अलाबा अधिवक्ता एक मंच पर बैठे ।

कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान की देवी माँ सरस्वती और संकटमोचन हनुमान जी सहित मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम दरबार के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पूजा अर्चना करने के बाद संगठन के एटा जिलाध्यक्ष शुभम पचौरी द्वारा कार्यक्रम को विधि विधान के साथ शुरुआत करने का संकेत दिया, इसकी के साथ पूरा हॉल RPSS जिंदाबाद पत्रकार एकता जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा, तालियों की गड़गड़ाहट के बीच भारतीय परंपरा अतिथि देवो भवः का निर्वहन करते हुए मंच संचालक नारी शक्ति अल्पना राजपूत ने हर एक घंटे पर अलग-अलग जिलों के प्रतिनिधिमंडल को मंच पर बुलवाकर सम्मानित करवाया। इससे पूर्व कासगंज महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष संगम सक्सेना के स्वागत गान स्वागत है पत्रकार साथियों, कलम के सच्चे पहरेदारों का सुनाकर माहौल में भावुकता का रस घोल दिया। इसके उपरांत संबोधन की कड़ी जोड़ी तो क्रांतिकारियों ने शब्दों के बाण और इरादों का खुला ऐलान किया । प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाले इस आयोजन में क्रांतिकारियों के संबोधन की श्रंखला के दौरान पेश किये शब्दों विचारों के मोहजाल में उपस्थिति अथिति कुछ इस तरह सुदबुध खो बैठे कि समय को भी भूल गये, इसकी बजह थी, संबोधनकर्ताओं का वो हर शब्द जो माहौल में सभ्यता, संस्कृति, सम्मान, स्वाभिमान का मिश्रण कर हर कलमकार के दिल में क्रांति की हिलोर पैदा कर रहा था । संबोधन के अंतिम पायदान पर संचालक के आमंत्रण पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद उर्फ बबलू चक्रवर्ती के आते ही तालियों से हॉल गूंजने लगा, संबोधन की शुरुआत में विनम्रभाव में प्रभु का वंदन और शालीन शब्दों में सभी आगंतुकों का अभिवादन उसके बाद शेर की दहाड़ के साथ शब्द शब्द में क्रांति सुलगने लगी, जोश जुनून और जज्बातों का समागमयी संबोधन ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने हिंदी और पत्रकारिता के सम्मान में कहा –

 

हिंदी हमारी मातृ भाषा, पत्रकारिता हमारा धर्म हैं ।

सम्मान बढ़े दोनों का जग में ऐसे करना हमें कर्म हैं ।

 

उन्होंने कहा कि

हिंदी पत्रकारिता कोई पेशा नहीं, ये राष्ट्र धर्म है। और धर्म की रक्षा के लिए अगर शस्त्र उठाने पड़ें तो कलम ही हमारा ब्रह्मास्त्र है।

पत्रकारों पर हो रहे हमलों पर बेहद कड़क रुख अख्तियार कर शायराना अंदाज में बोले

सभ्यता संस्कारों का साज होगा ।

सम्मान की सुरक्षा में आगाज होगा ।।

बन्द कर दो अत्याचार सहना ।

अब हर अत्याचारी का इलाज होगा ।।

 

यही नही आगे भी इसी कड़क अंदाज में बोले

 

हर जज्बात बदल देंगे ।

हर हालात बदल देंगे ।

जो बहाते रहे बेबसों का लहू ।

हम उनका इतिहास बदल देंगे ।।

 

अपने संबोधन के समय उन्होंने कहा कि RPSS हेल्पलाइन 01169296784, 24×7 सक्रिय रहता हैं, जरूरत के समय पत्रकार कॉल कर सकते है। उन्होंने कहा कि संगठन का प्रयास हैं कि सम्पूर्ण भारत के हर जिले में ‘त्वरित सहायता इकाई’ तैयार की जाए जिसमें 1 अधिवक्ता, 1 वरिष्ठ पत्रकार और 1 युवा सदस्य हों, जो तत्काल पीड़ित पत्रकार की मदद में आगे आएं, इसके लिए सभी का सहयोग बेहद जरूरी हैं । आगे कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का सजग पहरी हैं, पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथे स्तम्भ का सवैधानिक दर्जा दिया जाये । उन्होंने हर पत्रकार से आवाहन किया कि वो प्रेस शब्द के स्थान पर लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ लिखना शुरू करें, क्योंकि स्वयं के इसी प्रयास से हमें संवैधानिक दर्जा की प्राप्ति हो सकती हैं ।

 

करीब पाँच घँटे चले इस महामंथन के दौरान राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील कुमार ने कहा, हम संख्या में कम हो सकते हैं, पर संकल्प में हिमालय हैं।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाह ने कहा, RPSS कोई संगठन नहीं, ये हर उस पत्रकार का परिवार है जिसे सिस्टम ने अकेला छोड़ दिया।

 

एटा कलेक्ट्रेट बार के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट रमेश बाबू यादव ने कानूनी पहलू समझाये और स्वयं को पत्रकारिता से जुड़े होने की जानकारी देते हुये RPSS संगठन के कार्यों की सराहना की।

 

विश्वजीत यादव ने कहा, मेरे अपने पत्रकारिता जीवन के इतने लंबे समय में पहली बार लगा कि कोई हमारे लिए भी खड़ा है।

 

दैनिक जागरण मिरहची के कुलदीप महेश्वरी बोले आज से मिरहची की कलम और मजबूत हो गई।

 

संगठन ने संकल्पित होकर ऐलान किया कि हर पत्रकार एवं उनके परिवारों की सुरक्षा सुबिधा पर निरन्तर काम होगा, जिला व तहसील स्तर पर RPSS की मासिक पत्रकार चौपाल लगाकर नेकता और एकता के प्रति जागरूक करेंगे, महिला पत्रकारों के लिए अलग सुरक्षा प्रकोष्ठ और हेल्पडेस्क बनाऐंगे । फर्जी मुकदमों में फंसे पत्रकारों के लिए RPSS लीगल प्रकोष्ठ का गठन और पत्रकारों को सभ्य, संस्कारी, सशक्त और सुरक्षित अनुभवी बनाने हेतु सप्ताह में दो दिन चलाये जाने वाले डिजिटल ट्रेनिंग अभियान को और अधिक सक्रिय करेंगे । पत्रकारों के परिवारों की शिक्षा, स्वास्थ और बृद्ध, विधवा, विकलांग परिजनों के हित में RPSS का हमेशा प्रयासरत रहना और हर 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस को पत्रकारिता स्वाभिमान दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया । कार्यक्रम के दौरान सगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा की गई ऐतिहासिक घोषणाओं के दौरान पत्रकार एकता के पल पल लगते नारों ने मिरहची में पहली बार पत्रकार एकता का परचम लहराया । क्रांतिकारियों के मुख से निकलता एक एक शब्द उपस्थिति पत्रकारों के जेहन को जैसे झकजोर रहा हो,क्योंकि शुरू से अंत तक हर कंठ से एक ही नारा निकला पत्रकार एकता जिंदाबाद, RPSS जिंदाबाद, बबलू भैया जिंदाबाद जिससे लगा मानो मिरहची की धरती भी गवाही दे रही हो। कार्यक्रम के मध्य दूरदराज से आये पत्रकारों की भावनाओं को समझते हुये कार्यक्रम संयोजक एटा जिलाध्यक्ष शुभम पचौरी ने सभी को प्रसाद स्वरूप प्रेम भाईचारे के साथ सहभोज कराया और पत्रकारों का जोश जुनून देख मात्र आधा घँटे बाद ही कार्यक्रम को पुनः गति देनें हेतु संचालक को स्वीकृति प्रदान की, कार्यक्रम पुनः गर्माहट पकड़ने लगा, शेरों की तरह अपने अधिकारों की आबाज उठाते क्रांतिकारियों की बुलंद आबाज को कार्यक्रम स्थल पर लगे साउंड ने और बुलंद कर दिया, ऐसा प्रतीत हो रहा था, जैसे बादलों की गर्जना हो,जिसे सुनकर आस पास के लोग भी बाहर थम गये और द्वार पर खड़े होकर पत्रकारों के जोशीले विचारों को एकत्रित होकर सुनने लगे, यही नहीं सुनने वालों में भी जोश और जुनून का उबाल आ गया, कार्यक्रम स्थल के सामने ही चाय की दुकान पर एक एक शब्द ध्यान से सुन रहे रमेश राजपूत ने कहा कि आज पहली बार लगा कि पत्रकार सिर्फ खबर नहीं छापते, इंसाफ के लिए लड़ते और शेरों की तरह दहाड़ते भी हैं।

ऑटो स्टैंड पर खड़ी छात्रायें आपस में यह कहते हुये सुनी गई कि पत्रकार तो ऐसे ही होने चाहिए, यही नहीं अपनी माँ के साथ बाजार करने आया 10 वर्षीय राहुल बोला मम्मी मुझे भी बड़े होकर पत्रकार बनना हैं, कॉलेज से घर जाती छात्रा प्रिया ने मुख्य द्वार पर रुककर पत्रकारों के विचारों को सुना, अपनी साथी छात्रा से बोली,बबलू चक्रवर्ती का नाम बहुत सुना हैं, कहा कि मुझे अगर पत्रकार बनने का मौका मिला तो बबलू चक्रवर्ती की तरह ही पत्रकार बनूंगी। एटा में वर्षों से समाचार पत्र वितरित करने वाले कल्याण सिंह की पुत्री कल्पना ने भी कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराकर सक्रियता का प्रमाण पेश किया । इसके अलाबा मिरहची में होनें वाले RPSS के इस आयोजन की फेसबुक के जरिये जानकारी मिलने पर बड़ोदरा से पहुँची पीड़ित माँ बेटी को पत्रकारों ने सर्व प्रथम शीतल मीठा जल पिलाया उसके बाद प्रेम पूर्वक भोजन कराया और उनकी समस्या को सुनकर मदद का भरोसा दिया । इससे पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अगले एक साल में RPSS भारत के कम से कम 75 जिलों में अपनी इकाई का गठन कर एक लाख सक्रिय पत्रकारों को संगठन में शामिल करेगा और देश की राजधानी दिल्ली में RPSS राष्ट्रीय कार्यालय बनाने का प्रयास करेगा । अंत में एक बार फिर काव्य पाठ के रूप में अपनी पन्तियाँ प्रस्तुत कर कहा कि

 

मान मिले सम्मान मिले । रक्षा सुरक्षा और नाम मिले ।। असमानता का भेद नहीं ।। RPSS में पहचान मिले ।

इस नारे के साथ कहा कि RPSS अब पत्रकारों की ढाल और तलवार दोनों बनेगा। बरहाल संबोधन और सम्मान के समावेशी आयोजन में खोये अथिति और आयोजक टीम को शाम पाँच बजे जाकर समापन की याद आयी, तब कहीं जाकर संगठन के एटा जिलाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक शुभम पचौरी द्वारा सभी का आभार व्यक्त करके कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गयी । इस पावन अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद बबलू चक्रवर्ती, कासगंज से राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील कुमार, कानपुर से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाह, जिलाध्यक्ष एटा शुभम पचौरी, मारहरा ब्लॉक अध्यक्ष आनन्द प्रताप सिंह, पुष्पेंद्र यादव, राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य सद्दाम हुसैन, सुमित मिश्रा, हमीरपुर प्रभारी जय नारायण वर्मा, दिनेश कुमार, बृज किशोर, विनोद कुमार, विश्वजीत यादव, अलीगंज प्रदेश सचिव राजेश गुप्ता, मंडल मीडिया प्रभारी दिलीप वर्मा अलीगंज, मंडल उपाध्यक्ष अभय गुप्ता अलीगंज, शानू खान अलीगंज, शुभम गुप्ता अलीगंज, अनमोल कुमार कासगंज, प्रदेश उपाध्यक्ष सन्मति बाबू जैन, कुलदीप महेश्वरी, जे.के चक्रवर्ती, रमेश बाबू यादव पूर्व अध्यक्ष कलेक्ट्रेट वार एसोसिएशन एटा, संगम सक्सेना अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ, मनीष कुमार, भूपेंद्र कुमार, संजीव दुवे, विनोद कुमार कानपुर, प्रमोद कुमार लखनऊ, अल्पना राजपूत अलीगंज, मनोज कुमार तिलकराज, परवीन कुमार, राहुल कुमार, अरुण कुमार सहित नौ जिलों से आये पत्रकारों ने प्रतिनिधि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई ।

 

 

 

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