सहायक चकबंदी अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की संस्तुति, रिपोर्ट निशा कांत शर्मा

*चकबंदी योजना में अनियमितताओं पर डीएम अरविन्द सिंह सख्त, सहायक चकबंदी अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की संस्तुति*

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*चकबंदी योजना तैयार करने में लापरवाही एवं अनियमितताओं को गंभीरता से लिया, चकबंदी आयुक्त को भेजा विस्तृत प्रतिवेदन*

*पारदर्शी प्रशासन के प्रति डीएम की प्रतिबद्धता, दोषी अधिकारियों पर होगी कठोर विभागीय कार्रवाई*

एटा, 21 जुलाई।
जनपद एटा में चकबंदी कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी/जिला उप संचालक चकबंदी अरविन्द सिंह ने चकबंदी योजना तैयार करने के दौरान हुई गंभीर अनियमितताओं एवं शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए चकबंदी आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी रवीन्द्र कुमार के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने हेतु विस्तृत पत्र प्रेषित किया है।
जिलाधिकारी द्वारा अवगत कराया है कि ग्राम अख्तौली परगना मारहरा की चकबंदी कार्यवाही के दौरान तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी द्वारा प्रारंभिक चकबंदी योजना के प्रकाशन के उपरांत चकबंदी अधिनियम के प्रावधानों एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य न करते हुए कई गंभीर अनियमितताएं की गईं। जांच में यह तथ्य सामने आया कि मुख्य मार्ग के महत्वपूर्ण भूमि को अंदर जिनके चक थे उन्हें आवंटित कर दिया गया,मुख्य मार्ग के निकट स्थित उपजाऊ चकों के आवंटन में नियमों की अनदेखी की गई, जिससे ग्रामीणों में व्यापक असंतोष उत्पन्न हुआ तथा चकबंदी प्रक्रिया का विरोध भी प्रारंभ हो गया,संबंधित अधिकारी द्वारा निजी स्वार्थ की पूर्ति एवं कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य किए जाने के आरोप सामने आए। इस संबंध में लगभग 112 चक आपत्तियां तथा धारा-23 के अंतर्गत लगभग तीन साल से वाद लंबित होने की स्थिति उत्पन्न हुई। सुनवाई एवं स्थलीय निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों द्वारा भी संबंधित अधिकारी के विरुद्ध गंभीर शिकायतें दर्ज कराई गईं।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने स्पष्ट किया है कि शासन की मंशा के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नियमसम्मत प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी अधिकारी द्वारा शासकीय कार्यों में लापरवाही, अनियमितता अथवा अधिकारों के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में चकबंदी आयुक्त, उत्तर प्रदेश को संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की संस्तुति करते हुए समस्त अभिलेख एवं जांच प्रतिवेदन भी प्रेषित किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि चकबंदी से जुड़े प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी, चकबंदी प्रक्रिया में अधिनियम व नियमावली तथा समयबद्ध रूप से कार्य करने के लिए सभी अधिकारियों को प्रेरित किया जाएगा तथा चकबंदी प्रक्रिया के संचालन में जो भी व्यक्ति अवरोध या बाधा उत्पन्न करेंगे उनके विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही की जायेगी।जिला सूचना कार्यालय एटा 👆

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