ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के सरकारी दावों पर प्रश्नचिह्न खड़े होते दिखाई दे रहे है, रिपोर्ट विनय यादव

एटा जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के सरकारी दावों पर प्रश्नचिह्न खड़े होते दिखाई दे रहे हैं। जनपद के महाराणा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नरौली कलां ब्लॉक के धोलेश्वर स्थित रामपुर गांव में आजादी के 78 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी विकास की कोई ठोस झलक दिखाई नहीं दे रही है। गांव में जर्जर विद्युत लाइनें, कच्ची गलियां, उफनती नालियां तथा कच्ची सड़कें ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर रही हैं।

 

बरसात के मौसम में स्थिति और भी अधिक गंभीर हो जाती है। स्कूल जाने वाले बच्चों को कीचड़ और जलभराव के बीच होकर गुजरना पड़ता है, वहीं आमजन भी गंदे पानी और कीचड़ से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। इससे संक्रामक रोग फैलने की आशंका लगातार बनी हुई है।

 

एक ओर सरकार संचारी रोगों की रोकथाम के लिए विभिन्न अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर गांव की गंदगी और जलभरावयुक्त सड़कें आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करती नजर आ रही हैं। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यह ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। विशेष रूप से छोटे बच्चे, जो प्रतिदिन स्कूल जाने के लिए इसी गंदगी और जलभराव से होकर गुजरते हैं, बीमारी की चपेट में आने की आशंका का सामना कर रहे हैं।

 

ग्रामीणों ने सरकार तथा जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाए। साथ ही ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गलियों और सड़कों के समीप लगे बिजली के खंभे तथा झूलते विद्युत तार संभावित दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहे हैं।

 

एटा से विनय यादव की रिपोर्ट।

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