हरदोई महिलाओं और सर्राफा कारोबारियों के लिए आतंक बने पवन-अंकित गिरफ्तार,पुलिस की गोली ने रोकी‘लूट एक्सप्रेस’की रफ्तार…

हरदोई महिलाओं और सर्राफा कारोबारियों के लिए आतंक बने पवन-अंकित गिरफ्तार,पुलिस की गोली ने रोकी‘लूट एक्सप्रेस’की रफ्तार…

 

हरदोई पुलिस की गिरफ्त में आए पवन और अंकित वर्मा कोई आम चोर-उचक्के नहीं, बल्कि अपराध की दुनिया के बेहद शातिर और क्रूर चेहरे हैं। दोनों ने कम उम्र में ही जुर्म का ऐसा ककहरा सीख लिया था, जिसने उन्हें चोरी से लेकर लूट, गैंगस्टर, हत्या के प्रयास और पुलिस पर फायरिंग जैसे संगीन अपराधों तक पहुंचा दिया। (Report ashish dwivedi) पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पवन पर 46 और अंकित वर्मा पर 28 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों का आतंक कई जिलों तक फैला हुआ था और खासतौर पर महिलाएं,सर्राफा कारोबारी और अकेले चलने वाले लोग इनके निशाने पर रहते थे।

 

पवन मूल रूप से लखनऊ में पला-बढ़ा।उसके पिता विद्युत विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे, लेकिन गलत संगत ने उसे अपराध की अंधेरी दुनिया में धकेल दिया। शुरुआत छोटी-मोटी चोरी से हुई, लेकिन जल्द ही उसने अपराध को ही अपना “हुनर” बना लिया। कानपुर में रहकर उसने शातिर अपराधियों के साथ मिलकर गैंग बनाया और फिर सर्राफा कारोबारियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।पवन बेहद क्रूर प्रवृत्ति का अपराधी माना जाता है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट, अवैध असलहा और सर्राफा व्यापारियों से लाखों की लूट जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।(आशीष द्विवेदी)

 

पवन और उसका गैंग खासतौर पर सोने की ज्वेलरी लूटने में माहिर था। ये लोग पहले बाजारों, स्कूलों, सुनसान रास्तों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी करते थे। फिर बाइक से महिलाओं का पीछा करते और मौका मिलते ही गले से चेन, मंगलसूत्र या सोने की ज्वेलरी झपटकर फरार हो जाते थे। कई बार ये खुद को पुलिस या चेकिंग टीम का सदस्य बताकर लोगों को रोकते, उनसे पूछताछ का नाटक करते और फिर वारदात को अंजाम देते थे। विरोध करने पर तमंचा दिखाना और गोली चलाने से भी ये पीछे नहीं हटते थे। (रिपोर्ट आशीष द्विवेदी) हरदोई जिले में पवन ने वर्ष 2015 में अपने साथियों के साथ सांडी थाना क्षेत्र में सर्राफा कारोबारी के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था,2022 में बाइक सवार दंपति को पवन ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर तमंचा दिखाकर लूटा था।हालांकि कासिमपुर थाना पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान 2022 में इसे पैर में गोली मारकर गिरफ्तार भी किया था।सांडी थाना पुलिस ने इसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी थी।लखनऊ, कानपुर नगर , उन्नाव ,हरदोई जनपद में इसके खिलाफ 46 मुकदमे दर्ज हैं,इनमें प्रत्येक जनपद में लूट डकैती के साथ ही गैंगस्टर के मामले भी दर्ज हैं।

 

उधर उन्नाव निवासी अंकित वर्मा भी अपराध की दुनिया का बड़ा नाम बन चुका था। तीन साल पहले उसकी शादी हुई और उसकी एक बेटी भी है, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों से ज्यादा उसे अपराध की दुनिया रास आई। अंकित ने भी चोरी से अपने अपराध का सफर शुरू किया और फिर धीरे-धीरे लूट, अवैध असलहा, गैंगवार और पुलिस टीम पर फायरिंग जैसे मामलों में शामिल हो गया। उसके खिलाफ कुल 28 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक अंकित बेहद तेज दिमाग का अपराधी है, जो वारदात के बाद तुरंत जिले बदल देता था ताकि पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस न कर सके।(आशीष द्विवेदी)

 

दोनों अपराधियों की जोड़ी खासतौर पर महिलाओं को आसान शिकार मानती थी। स्कूटी से जा रही महिलाओं का पीछा करना, अकेली शिक्षिकाओं या नौकरीपेशा महिलाओं को टारगेट बनाना और फिर चेन स्नेचिंग कर भाग जाना इनका पसंदीदा तरीका था।हरदोई के कोतवाली शहर क्षेत्र में आवास विकास कॉलोनी में महिला शिक्षिका अन्विती त्रिवेदी के साथ भी बीते 3 मई को इन्होंने इसी अंदाज में वारदात की थी। “चेकिंग” के बहाने महिला को रोका गया और फिर सोने की चेन लूटकर फरार हो गए। (रिपोर्ट आशीष द्विवेदी) इस घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और एसओजी व कोतवाली शहर पुलिस टीम ने दोनों की घेराबंदी की।(आशीष द्विवेदी)

 

गुरुवार को सांडी बाईपास के निकट पुलिस मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाशों ने फायरिंग की,जिसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की।मुठभेड़ में दोनों के पैरों में गोली लगी और आखिरकार पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पहले जो बेखौफ होकर महिलाओं की चेन छीनते थे,आज वही अपराधी अस्पताल के बेड पर पड़े अपने कर्मों की सजा भुगत रहे हैं।पुलिस की गोली ने इनके पैरों की रफ्तार रोक दी है।जो कभी दूसरों को दर्द और दहशत देते थे,अब खुद दर्द से कराहते हुए अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।फिलहाल दोनों पुलिस निगरानी में भर्ती हैं और उनका उपचार चल रहा है।

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