23 अगस्त को महा-हुंकार: लखनऊ में जगेगा कलम का कारवां, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भरेंगे अधिकार की हुंकार, रिपोर्ट सिम्मी भाटी

*23 अगस्त को महा-हुंकार: लखनऊ में जगेगा कलम का कारवां, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भरेंगे अधिकार की हुंकार!*

 

 

 

नई दिल्ली/लखनऊ: भारत के लोकतंत्र के प्रहरी, समाज के आइने, और हर अन्याय के विरुद्ध आवाज बुलंद करने वाले पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं, अब समय आ गया है अपनी एकजुटता का परिचय देने का!

भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल कोर कमेटी) के तत्वावधान में, आगामी 23 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐतिहासिक ‘महा-रैली’ का आयोजन किया जा रहा है। यह मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन सभी योद्धाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की बहाली के लिए शंखनाद है जो समाज की कुरीतियों और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के विरुद्ध निरंतर संघर्ष कर रहे हैं।

क्यों अनिवार्य है आपकी उपस्थिति?

आज जब कलम की धार को कुंद करने की कोशिशें की जा रही हैं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है, तब भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने बीड़ा उठाया है आपको एक मजबूत सुरक्षा कवच देने का। यह रैली आपके निम्नलिखित अधिकारों के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगी:

पत्रकार सुरक्षा कानून: पत्रकारों के उत्पीड़न को रोकने और उन्हें निर्भीक वातावरण प्रदान करने के लिए ठोस कानून की मांग।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का सम्मान: समाज के उत्थान में कार्यरत कार्यकर्ताओं को सम्मान और सुरक्षा का अधिकार।

अधिकारों की रक्षा: प्रशासनिक मनमानी और अनैतिक दबाव के विरुद्ध एक सशक्त संगठन के रूप में ढाल बनना।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का आह्वान: “तन-मन-धन से समर्पित हों”

भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल )के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पंडित बालकृष्ण तिवारी ने देश भर के सभी साथियों से अपील की है कि वे इस महा-रैली को केवल एक आयोजन न समझें, बल्कि इसे अपने स्वाभिमान की लड़ाई के रूप में देखें। उन्होंने कहा:

“साथियों, संघर्ष की मशाल अब लखनऊ से जलेगी। यह समय घरों में बैठकर विचार करने का नहीं, बल्कि सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों को सुनिश्चित करने का है। इस महा-रैली की सफलता आप सभी के कंधों पर है। आइए, तन-मन-धन से इस मिशन को अपनाएं और अपनी आवाज को इतना बुलंद करें कि सत्ता के गलियारों को आपकी ताकत का एहसास हो।”

आपका संकल्प ही हमारी शक्ति है

यह समय है कि हम अपनी बिखरी हुई ऊर्जा को एक सूत्र में पिरोएं। लखनऊ की इस भूमि पर आयोजित होने वाली यह रैली न केवल सरकार तक आपकी बात पहुंचाएगी, बल्कि यह संदेश भी देगी कि देश का पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता अब सोया हुआ नहीं है।

अब जागिए, जुड़िए और इस महा-संग्राम को सफल बनाइए!

आइए, 23 अगस्त को लखनऊ में एक इतिहास रचें। अपने संकल्प को प्रेषित करें और भारतीय मीडिया फाउंडेशन के साथ जुड़कर एक नए युग की शुरुआत करें।

याद रखें, आपकी एक उपस्थिति हजारों की आवाज बन सकती है।

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