सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : जिलाधिकारी, रिपोर्ट अभिषेक तोमर

*सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : जिलाधिकारी*

 

*सीडी रेश्यो में सुधार कर ऋण वितरण बढ़ाएं बैंक, प्राथमिक क्षेत्र को दें प्राथमिकता,लघु एवं कुटीर उद्योगों के लिए बैंकों का सहयोग नितान्त आवश्यक*

 

*सिंघाड़ा प्रसंस्करण मखाना उत्पादन की संभावनाओं पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश*

 

*(अफसार हुसैन मानवाधिकार मीडिया)*

एटा, 17 जून 2026 (सू0वि0)। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अरविंद सिंह की अध्यक्षता में बैंकर्स की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी रोजगार परक योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी योजना, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की योजनाओं, माटीकला बोर्ड तथा पीएम स्वनिधि योजना की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पाया गया कि एसबीआई,पीएनबी,सेंट्रल बैंक द्वारा सरकारी योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों में अपेक्षाकृत कम स्वीकृतियां दी जा रही हैं। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित बैंक मैनेजर को निर्देशित किया कि पात्र आवेदकों के ऋण प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए, उनके द्वारा सरकारी योजनाओं के लिए ऋण वितरण में रुचि न लिए जाने पर उनके विरुद्ध आरबीआई एवं लोकपाल में कड़ी शिकायत दर्ज कर कठोर कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में बैंकों के ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेश्यो) में निरंतर सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बैंकों में जितनी धनराशि जमा हो रही है, उसके अनुपात में जनपद के लोगों को ऋण वितरण अपेक्षित स्तर पर नहीं हो रहा है। उन्होंने प्राइवेट बैंक संचालकों एचडीएफसी, आईडीबीआई, आईसीआईसीआई बैंक अधिकारियों को भी प्राथमिक क्षेत्र में ऋण वितरण बढ़ाने तथा सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत छोटे दुकानदारों एवं रेहड़ी-पटरी, खोखा व्यवसायियों के आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। जिला सहकारी बैंक की वसूली की समीक्षा के दौरान उन्होंने वसूली की स्थिति में सुधार लाने तथा पांच बड़े बकायेदारों के विरुद्ध प्रभावी वसूली कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में सिंघाड़ा उत्पादन के प्रसंस्करण, विपणन एवं मार्केटिंग की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने उपनिदेशक कृषि, नाबार्ड एवं जिला उद्यान अधिकारी को संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। साथ ही जलेसर क्षेत्र के तालाबों में मखाना उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन कर इस दिशा में कार्य करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने उपायुक्त उद्योग, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी, एनआरएलएम एवं डूडा अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैंकर्स के साथ समन्वय स्थापित कर प्रदेश सरकार की लाभार्थीपरक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र एवं जरूरतमंद आवेदकों के ऋण प्रकरण समय से बैंकों को उपलब्ध कराए जाएं तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

बैठक में लीड बैंक मैनेजर ने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि उनके निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही करते हुए सीडी रेश्यो में सुधार तथा सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को अधिकाधिक ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, उपायुक्त उद्योग अर्चना कुमारी, प्रभारी परियोजना अधिकारी डूडा सुभाष वीर राजपूत, लीड बैंक मैनेजर सौरभ वर्मा सहित विभिन्न बैंकों के जिला स्तरीय प्रबंधक उपस्थित रहे।जिला सूचना कार्यालय एटा 👆

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