लोक माता अहिल्या बाई होल्कर सामाजिक समरसता की प्रतिमूर्ति थी। अरुण दीक्षित

लोक माता अहिल्या बाई होल्कर सामाजिक समरसता की प्रतिमूर्ति थी। अरुण दीक्षित। एटा 31 मई भगवान परशुराम सेवा संस्थान द्वारा संचालित सामाजिक संगठन सामाजिक चेतनामंच के अंग केरूप में संचालित संगठन भारतीय धनगर चेतना मंच के जिला अध्यक्ष डाक्टर सुनील धनगर के संयोजन में कस्वा सिद्धपुर स्थित राधिका गेस्ट हाउस के अंतर्गत लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301 बी जयंती समाहरोह का आयोजन किया गया,जिसका संचालन सत्यपाल पाल द्वारा किया गया,आयोजन की अध्यक्षता ओंकार सिंह पाल द्वारा कीगई कार्यक्रम का उद्घाटन माता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा के आगे दीप्रज्वलित कर मुख्य अतिथि टूंडला के विधायक प्रेमपाल सिंह धनगर ,अतिविशिष्ट स्थित सामाजिक चेतनामंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण दीक्षित,विशिष्ट अतिथि सामाजिक चेतनामंच के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव कुंवर अमितराज दीक्षित, राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह पाल धनगर,चेयरमैन सिद्धपुर शम्मी गुप्ता,पूर्व चेयरमैन विशाल गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से किया गया,इस अवसर पर अरुण दीक्षित ने कहा कि, लोकमाता अहिल्याबाई होलकर परम शिव भक्त एवं सामाजिक समरसता की प्रतिमूर्ति थी,जिनके द्वारा भारत की संस्कृति एवं सनातन की रक्षा के लिए, बाहरी आक्रमण करता ओ द्वारा भारत के जो मंदिर विखंडित किए गए थे का जीर्णोधार कर हमारे धर्म की रक्षा की गई,ऐसी महान आत्मा के चरणों में मेरा हार्दिक नमन है,कार्यक्रम में ब्रह्म समाज एकता समिति के जिला महासचिव गौरव पांडेय,नरेंद्र सिंह पाल,अवनीश पाल,विवेक पाल,गजेंद्र सिंह पाल,दुर्गपाल सिंह पाल फौजी,भानुप्रताप सिंह चौहान,सहित सैकड़ों समाज सेवी उपस्थित रहे,इस आयोजन के उपरान्त कस्बा सिद्धपुर के अंतर्गत विशाल शोभा यात्रा निकाली गई,जिसमें माता अहिल्याबाई होलकर के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते के लिए दर्जनों झाकियां बैंड – बाजों के साथ निकली गई

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