*मंडी शुल्क चोरी पर जिलाधिकारी अरविन्द सिंह का बड़ा प्रहार*
*राजस्व की चोरी में संलिप्त तीन फर्मों के लाइसेंस निलंबित*

*बिना 9-आर एवं गेटपास के रेलवे से भेजी जा रही थी मक्का, गहन जांच में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा*
*यूनिफाइड लाइसेंस निलंबन की भी शुरू हुई कार्रवाई, मंडी समिति एटा में सभी प्रकार के क्रय-विक्रय की होगी व्यापक जांच*
एटा, 17 जुलाई, 2026 (सू.वि.)।
जनपद में मंडी शुल्क की चोरी एवं राजस्व अपवंचन के विरुद्ध जिलाधिकारी अरविन्द सिंह द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन फर्मों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शासन के राजस्व को क्षति पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर दिनांक 15 जुलाई, 2026 को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संगम लाल, डिप्टी कलेक्टर विपिन कुमार एवं तहसीलदार सदर नीरज वार्ष्णेय द्वारा रेलवे स्टेशन एटा स्थित लोडिंग प्वाइंट का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मैसर्स माँ शारदा ट्रेडिंग कम्पनी, मंडी समिति एटा द्वारा रेलवे के माध्यम से बिना 9-आर एवं गेटपास के मक्का की लोडिंग कराई जा रही थी। मौके पर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत न कराने पर ई-मंडी पोर्टल एवं रेलवे अभिलेखों का विस्तृत परीक्षण कराया गया।
गहन जांच में यह भी सामने आया कि मैसर्स विवेक एंटरप्राइजेज द्वारा पूर्व में लगभग 03 रैक तथा मैसर्स श्याम जी ट्रेडर्स द्वारा लगभग 01.5 रैक मक्का का परिवहन बिना मंडी शुल्क अदा किए तथा बिना गेटपास जारी कराए रेलवे के माध्यम से किया गया था। जांच में तीनों फर्मों द्वारा मंडी नियमों का गंभीर उल्लंघन एवं राजस्व अपवंचन पाए जाने पर उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की गई।
प्रारंभिक जांच के आधार पर मैसर्स माँ शारदा ट्रेडिंग कम्पनी, मैसर्स विवेक एंटरप्राइजेज तथा मैसर्स श्याम जी ट्रेडर्स के मंडी लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। साथ ही मैसर्स विवेक एंटरप्राइजेज (शाहजहांपुर) एवं मैसर्स श्याम जी ट्रेडर्स (दिल्ली) यूनिफाइड लाइसेंसधारी फर्में होने के कारण उनके यूनिफाइड लाइसेंस निलंबित किए जाने हेतु संबंधित पंजीकरण जारी करने वाली मंडी समितियों को भी पत्राचार कर आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है तथा इसका प्रभाव यह रहेगा कि यह फर्म उत्तर प्रदेश की अन्य मंडियों में भी कारोबार नहीं कर पायेगी,वहां भी इनका लाइसेंस निरस्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि जांच उपरांत संबंधित फर्मों पर अधिरोपित मंडी शुल्क, एवं शमन शुल्क के संबंध में तकनीकी एवं विधिक विशेषज्ञों से राय लेकर मंडी शुल्क,सेस एवं समन शुल्क वसूला जाएगा।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने निर्देश दिए हैं कि मंडी समिति में करापवंचन के अन्य कौन कौन से तरीके अपनाये जा रहे है इसके लिए सीनियर मजिस्ट्रेट को जांच सौंपी गई है, यदि जांच में अन्य किसी फर्म अथवा व्यक्ति द्वारा मंडी शुल्क चोरी, करापवंचन अथवा नियमों के उल्लंघन का मामला प्रकाश में आता है तो उसके विरुद्ध भी कठोर विधिक एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मंडी व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता, शासन के राजस्व की सुरक्षा तथा किसानों एवं व्यापारियों के लिए निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंडी शुल्क चोरी एवं करापवंचन के विरुद्ध यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ निरंतर जारी रहेगा।जिला सूचना कार्यालय एटा 👆









