भ्रष्टाचार और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध ‘भारतीय मीडिया फाउंडेशन’ का निर्णायक शंखनाद: अब जन-जागरूकता से होगी व्यवस्था में सुधार, रिपोर्ट सिम्मी भाटी

*जन-आह्वान*

*विषय: भ्रष्टाचार और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध ‘भारतीय मीडिया फाउंडेशन’ का निर्णायक शंखनाद: अब जन-जागरूकता से होगी व्यवस्था में सुधार*

 

नई दिल्ली/लखनऊ:

देश के लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने और आम जनमानस के अधिकारों की रक्षा के लिए ‘भारतीय मीडिया फाउंडेशन’ (BMF) नेशनल कोर कमेटी ने एक ऐतिहासिक और निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल)की ‘राष्ट्रीय सर्वोच्च कोर कमेटी’ के निर्देशों के क्रम में, डिजिटल मीडिया सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विजेंद्र बहादुर सिंह ने स्पष्ट किया है कि अब गांव, गरीब और किसान की जमीन पर दबंगों का कब्जा नहीं चलेगा और न ही सरकारी मशीनरी की भ्रष्टाचार वाली फाइलें दबी रहेंगी।

हमारी प्रतिबद्धता: भ्रष्टाचार का पर्दाफाश,

अक्सर देखा गया है कि गांवों में तालाब, पोखरा, चकरोड़, नाली और ग्राम समाज की बेशकीमती जमीनों पर भू-माफियाओं और दबंगों का अवैध कब्जा है। स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण आम जनता की आवाज अनसुनी रह जाती है। भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल)की प्रतिबद्ध टीम अब ऐसी हर खबर को न केवल उजागर करेगी, बल्कि उसे शासन और प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों तक पहुंचाकर कार्रवाई के लिए मजबूर करेगी।

विजेंद्र बहादुर सिंह (राष्ट्रीय अध्यक्ष, डिजिटल मीडिया सेल) का संदेश:

“जंग का ऐलान हो चुका है। हम केवल समाचार नहीं लिखेंगे, बल्कि हम आरटीआई (RTI) के माध्यम से प्रशासन की जवाबदेही तय करेंगे। प्रत्येक मुद्दे का वैज्ञानिक और तार्किक विश्लेषण कर उसे सरकार तक पहुंचाया जाएगा। बहुत जल्द हम एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी करने जा रहे हैं, जिसके माध्यम से प्रदेश के हर जिले का नागरिक सीधे हमसे जुड़ सकेगा।”

जनता से अपील: आप बनें पत्रकार,

भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी अब ‘नागरिक पत्रकारिता’ को नया आयाम दे रहा है। यदि आपके जिले या गांव में भ्रष्टाचार का कोई भी मामला है, या सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा है, तो अब चुप न रहें।

सूचना कैसे भेजें?

भारतीय मीडिया फाउंडेशन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि:

साक्ष्य जुटाएं: अवैध कब्जे या भ्रष्टाचार वाली जगह की स्पष्ट वीडियो और तस्वीरें लें।

स्क्रिप्ट तैयार करें: घटना का विवरण, स्थान (पता), और यदि संभव हो तो संबंधित अधिकारियों को दी गई पूर्व शिकायतों की जानकारी विस्तार से लिखें।

संपर्क करें: अपनी रिपोर्ट, वीडियो और स्क्रिप्ट को डिजिटल मीडिया सेल के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर – 73076 29604 पर भेजें।

हमारा संकल्प:

भारतीय मीडिया फाउंडेशन हर उस आवाज को बुलंद करेगा जो दबंगई के आगे दबी हुई है। हम न केवल खबरों को उठाएंगे, बल्कि सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ कानूनी रूप से आरटीआई लगाकर सूचनाएं मांगेंगे और प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई के लिए सूचित करेंगे।

“आपकी एक सूचना, भ्रष्टाचार की जड़ें हिलाने के लिए पर्याप्त है।”

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