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हि०प्र।सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने कांग्रेस सरकार की कर्मचारी विरोधी सोच को किया बेनकाब : रणधीर शर्मा

जी आर भारद्वाज वरिष्ठ पत्रकार हि०प्र।सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने कांग्रेस सरकार की कर्मचारी विरोधी सोच को किया बेनकाब : रणधीर शर्मा।

झूठी गारंटियों और तथ्यहीन बयानबाजी से ध्यान भटका रहे मुख्यमंत्री, कर्मचारियों और जनता से मांगे माफी : भाजपा।

शिमला। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की भर्ती एवं सेवा शर्तों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हिमाचल प्रदेश सरकार को लगा झटका इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस सरकार की नीतियां शुरू से ही कर्मचारी विरोधी रही हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार विधानसभा में कर्मचारियों के सेवा संबंधी प्रावधानों में संशोधन का विधेयक लेकर आई थी, तब भारतीय जनता पार्टी ने उसका कड़ा विरोध किया था।

रणधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा के भीतर स्पष्ट रूप से कहा था कि कर्मचारियों की कॉन्ट्रैक्ट अवधि को वरिष्ठता और वित्तीय लाभों में शामिल न करना कर्मचारियों के साथ अन्याय, भेदभाव और विश्वासघात है। भाजपा ने उस समय भी सरकार को आगाह किया था कि बहुमत के बल पर कानून तो बनाया जा सकता है, लेकिन ऐसा प्रावधान न्यायालय की कसौटी पर टिक नहीं पाएगा। आज सुप्रीम कोर्ट के निर्णय ने भाजपा की आशंकाओं को सही साबित कर दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार लगातार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। न कर्मचारियों को समय पर महंगाई भत्ते (डीए) की किस्तें मिल रही हैं, न समय पर वेतन दिया जा रहा है और न ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पेंशन एवं अन्य वित्तीय देनदारियों का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल, डीए की बकाया किस्तों सहित लगभग ₹2,000 करोड़ की देनदारियां लंबित हैं, लेकिन सरकार उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।

रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा अपनी संपत्ति संबंधी रिपोर्ट के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराने पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपनी राजनीतिक असफलताओं और चुनावी झटकों से बौखलाकर तथ्यहीन बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की संपत्ति संबंधी रिपोर्ट किसी गैर-सरकारी संस्था द्वारा चुनावी हलफनामों के आधार पर तैयार की गई है, जिसका भाजपा से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक जिम्मेदार राजनीतिक दल है और सार्वजनिक जीवन से जुड़े किसी भी विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देना उसका लोकतांत्रिक अधिकार और दायित्व है। यदि मुख्यमंत्री के पास लगभग ₹7.80 करोड़ की संपत्ति है तो उसे स्वीकार करना चाहिए, लेकिन इसके साथ-साथ उन्हें प्रदेश और प्रदेशवासियों की आर्थिक स्थिति की भी चिंता करनी चाहिए।

रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह, किसानों से ₹100 प्रति लीटर दूध खरीदने, लाखों युवाओं को रोजगार देने सहित अनेक बड़ी गारंटियां दी थीं, लेकिन आज उन वादों को पूरा करने के बजाय सरकार जनता को गुमराह करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और जनता सरकार की नीतियों से परेशान है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को निराधार आरोप लगाने के बजाय कर्मचारियों और प्रदेश की जनता से किए गए वादों को पूरा करना चाहिए। यदि सरकार अपनी गारंटियां पूरी करने में विफल रही है तो मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

Ronda Faulk
Author: Ronda Faulk

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