*सरकारी दफ्तर में महिला सुरक्षा पर सवाल: डीपीआरओ कार्यालय की महिला कर्मचारी ने बाबू पर छेड़छाड़ का लगाया आरोप, एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार*

*_तुर्रम सिंह राजपूत✍️_*
एटा। प्रदेश सरकार जहां महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दावा कर रही है, वहीं जनपद मुख्यालय स्थित विकास भवन के एक सरकारी कार्यालय से सामने आए गंभीर आरोपों ने सरकारी कार्यालयों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपने ही कार्यालय के कनिष्ठ सहायक पर अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एटा से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
पीड़िता द्वारा एसएसपी डॉ. इलामारन को दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, वह जनपद कासगंज की निवासी है तथा विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में कार्यरत है। आरोप है कि कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक अरविन्द कुमार पिछले करीब दो माह से उस पर गलत नजर रख रहा है तथा लगातार अभद्र एवं अशोभनीय व्यवहार कर रहा है।
शिकायत में कहा गया है कि 4 मई 2026 से आरोपी द्वारा लगातार अश्लील हरकतें की जा रही थीं। कई बार विरोध करने और समझाने के बावजूद उसने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं। पीड़िता का आरोप है कि 10 जुलाई 2026 को शाम लगभग चार बजे आरोपी ने उसे अपनी सीट पर बुलाया और अनुचित बातें करते हुए अशोभनीय व्यवहार किया। विरोध करने पर उसने कथित रूप से महिला के साथ छेड़छाड़ की।
महिला कर्मचारी का कहना है कि उसने पूरे मामले की शिकायत तत्काल जिला पंचायत राज अधिकारी से भी की, लेकिन उसकी शिकायत पर न तो कोई प्रभावी संज्ञान लिया गया और न ही आरोपी कर्मचारी के विरुद्ध कोई विभागीय कार्रवाई की गई। विभागीय स्तर पर राहत न मिलने के बाद पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई कराने की मांग की है।
पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली नगर को आवश्यक निर्देश जारी कर आरोपी के विरुद्ध भारतीय कानून के अनुसार मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराने की अपील की है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस और संबंधित विभाग इस गंभीर शिकायत पर कितनी तत्परता और निष्पक्षता से कार्रवाई करते हैं। फिलहाल ये आरोप हैं और मामले में पुलिस की जांच तथा विभागीय कार्रवाई के बाद ही तथ्य औपचारिक रूप से स्पष्ट होंगे।









