बारा तहसील में रिश्वत का आरोप: किसानों ने पूर्व एसडीएम और बाबू पर लगाए गंभीर आरोप, जांच की मांग

वरिष्ठ पत्रकार एके बिंदुसार की खास रिपोर्ट।

 

 

बारा तहसील में रिश्वत का आरोप: किसानों ने पूर्व एसडीएम और बाबू पर लगाए गंभीर आरोप, जांच की मांग।

 

बारा, प्रयागराज बारा तहसील में किसानों द्वारा फाइलों के निस्तारण के नाम पर मोटी रकम मांगे जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पीड़ित किसानों का कहना है कि तहसील में बिना पैसे दिए कोई काम नहीं हो रहा है।

 

किसानों का आरोप है कि पूर्व एसडीएम गणेश कनौजिया और एक एसटी बाबू प्रदीप सरोज द्वारा फाइलों में कार्रवाई करने के लिए किसानों से मोटी रकम की मांग की जा रही थी। किसानों का कहना है कि एसटी प्रदीप सरोज कई किसानों से पैसे ले भी चुके हैं।

 

पीड़ित किसानों का आरोप है कि बाबू द्वारा खुलेआम कहा जाता है कि “हम यहां कमाने आए हैं, पैसा दोगे तभी काम होगा। चाहे काम छोटा हो या बड़ा, जब तक पैसा नहीं मिलेगा काम नहीं करेंगे। अगर हम पैसा नहीं लेंगे तो एसडीएम को क्या देंगे किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ प्रॉपर्टी डीलर बाबू के इशारे पर काम करते हैं। उनका कहना है कि पूर्व में एसटी प्रदीप सरोज का ट्रांसफर भी हो गया था, लेकिन आरोप है कि पैसा देकर उनका ट्रांसफर रुकवा लिया गया किसानों का कहना है कि अगर एसडीएम और बाबू द्वारा इसी तरह पैसा लिया जाता रहा तो गरीब किसान कंगाल हो जाएंगे। स्थानीय किसान और कुछ लोगों का आरोप है कि यदि यह व्यक्ति यहां से गया तो तहसील में भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा, नहीं तो वह लोगों का शोषण करता रहेगा जांच की मांग किसानों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि आरोपी बाबू की पूरी संपत्ति की जांच कराई जाए और उसकी कॉल डिटेल निकलवाई जाए। किसानों का कहना है कि जांच के बाद दोषी पाए जाने पर उसे जेल भेजा जाए फिलहाल इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका।

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