– कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी शिवकांत मिश्रा जी सिगरा के प्रभारी निरीक्षक के रूप में हमेशा जनता की सेवा को पहला धर्म मानते हैं।
युसूफ खान वाराणसी
– गरीबों के हमदर्द कड़ी धूप में भी जरूरतमंदों को गमछा बांटकर उन्होंने इंसानियत की मिसाल पेश की।
जनसेवा का भाव पद की गरिमा रखते हुए वे हर वर्ग के साथ सम्मान और संवेदना से पेश आते हैं।
– तत्परता: गर्मी में राहगीरों की परेशानी देखकर तुरंत मदद के लिए आगे आना उनकी संवेदनशीलता दिखाता है।
– समाज के प्रहरी: कानून व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी बखूबी निभाते हैं।
– सरल स्वभाव आम लोगों से जुड़कर उनकी समस्या सुनना और समाधान करना उनकी पहचान है।
– प्रेरणास्रोत वर्दी की गरिमा को सेवा भाव से जोड़कर वे दूसरे अधिकारियों के लिए भी उदाहरण हैं।
– निस्वार्थ सेवा बिना किसी प्रचार के चुपचाप जरूरतमंदों की मदद करना उनकी सच्ची निष्ठा दर्शाता है।
– जनता का विश्वास सिगरा क्षेत्र में उनके काम से लोगों का पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है।
– सच्चे जनसेवक शिवकांत मिश्रा जी ने साबित किया कि वर्दी सिर्फ रौब के लिए नहीं, राहत देने के लिए भी होती है।









