इंतजार की पटरी पर दौड़ेगी विकास की रेल, अगस्त से शुरू हो सकता है एटा-कासगंज रेल लाइन का निर्माण, रिपोर्ट अनिल सोलंकी

इंतजार की पटरी पर दौड़ेगी विकास की रेल, अगस्त से शुरू हो सकता है एटा-कासगंज रेल लाइन का निर्माण

 

एटा के लिए बड़ी खुशखबरी! दशकों से लंबित एटा-कासगंज रेल लाइन परियोजना अब धरातल पर उतरने के करीब पहुंच गई है। करीब 29 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अगस्त 2026 से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

 

428 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत एटा और कासगंज के 20 गांवों की 116 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। रेल लाइन पर न्यौराई, अचलपुर और रसूलपुर गढ़ा में तीन नए रेलवे स्टेशन भी बनाए जाएंगे।

 

इस परियोजना के पूरा होने के बाद एटा का सीधा रेल संपर्क कासगंज, बरेली, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत से मजबूत होगा। इससे व्यापार, कृषि, शिक्षा, रोजगार और पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

 

📌 परियोजना एक नजर में ▪️ लंबाई – 29 किलोमीटर

▪️ लागत – 428 करोड़ रुपये

▪️ अधिग्रहीत भूमि – 116 हेक्टेयर

▪️ प्रभावित गांव – 20

▪️ नए रेलवे स्टेशन – 3

 

🗣️ वरिष्ठ मंडल इंजीनियर पंकज कुमार सिंह के अनुसार भूमि अधिग्रहण के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जा चुका है और किसानों को मुआवजा सीधे बैंक खातों में भेजा जाएगा।

 

📍 एटा के विकास की नई पटरी तैयार, अब उम्मीदों की रेल जल्द हकीकत बनेगी।

 

 

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