WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.48 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50 PM

चवन्नी से रुपया बना दिया – किसको देगा फायदा किसको नुकसान?BMF News

*चवन्नी से रुपया बना दिया – किसको देगा फायदा किसको नुकसान?*

 

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘चवन्नी को रुपया’ बनाने वाले बयान पर उत्तर प्रदेश खासकर वेस्ट यूपी की सियासत एकाएक गरम हो गई है। इस बयान ने वेस्ट यूपी की सियासत में पुरानी दोस्ती और नई दूरियों की कहानी फिर से चर्चा में ला दी है। बीजेपी नेताओं और आरएलडी ने अखिलेश यादव के इस बयान को जयंत चौधरी , किसानों और चौधरी चरण सिंह की विरासत का अपमान करार दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता की तरफ से इसका जवाब दिए जाने की बात कही है।

 

वहीं, बहुजन समाज पार्टी ने भी बीजेपी और आरएलडी के सुर में सुर मिलाया है। सियासी जानकार अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के ‘चवन्नी विवाद’ में सपा को वेस्ट यूपी में सियासी नुकसान होने की आशंका से इनकार नहीं कर रहे हैं। साथ ही रालोद के पक्ष में उनका जनाधार एकजुट होने की संभावना भी जता रहे हैं। सियासी आंकड़ों पर नजर डालें तो वेस्ट यूपी में रालोद की सियासत जाट, मुस्लिम और पिछड़ों को लेकर मजबूत रही है। फिलहाल रालोद भाजपा के साथ है। ऐसे में माना जा रहा है कि मुस्लिम उसका साथ छोड़ सकते हैं, लेकिन वेस्ट के ताने-बाने के लिहाज से नाराजगी के बाद भी मुस्लिमों का एक बड़ा वर्ग रालोद से जुड़ा रह सकता हैं। जानकारों की नजर में, इस स्थिति में भाजपा का साथ होने से रालोद यहां मजबूत स्थिति में है।

 

वहीं, सपा के लिए वेस्ट यूपी में मुस्लिम और पिछड़ों का साथ एक मजबूत फैक्टर माना जाता है। 2022 के विधानसभा चुनाव में रालोद के साथ होने के कारण जाट समाज ने सपा के पक्ष में वोट किया था।

 

मुजफ्फरनगर का बड़ा दंगा और उसके बाद भाजपा की ओर से संजीव बालियान का बड़ा चेहरा जिस चेहरे पर भाजपा जाट समाज का अच्छा वोट प्राप्त करती थी

सीधे शब्दों में कहीं तो जाट समाज का वोट भाजपा और रालोद के बीच बंट जाता था लेकिन

अब जयंत चौधरी के साथ होने से जाट समाज के वोट का बिखराव लगभग रुक जाएगा l वहीं इस ताजा बयान से जाट समाज से समाजवादी पार्टी के प्रति क्या प्रतिक्रिया मिल रही है यह सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है

 

अब रालोद से दोस्ती नहीं है और बयानबाजी से अदावत भी बढ़ गई है। ऐसे में सियासी जानकार आने वाले चुनाव में सपा के लिए वेस्ट यूपी को ‘बेस्ट’ नहीं देख रहे हैं।

नतीजे 2027 में ही पता चलेंगे

 

*पवन चतुर्वेदी*

जिलाध्यक्ष

प्रोग्रेसिव जर्नलिस्ट्स

एसोसिएशन

एटा

Leave a Comment