WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.48 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50 PM

भूजल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सभी संबंधित विभागों के साथ मुख्य विकास अधिकारी ने की बैठक, रिपोर्ट राम असरे

भूजल सप्ताह” (दिनांक 16 से 22 जुलाई, 2026) के सफल आयोजन एवं क्रियान्वयन तथा भूजल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सभी संबंधित विभागों के साथ मुख्य विकास अधिकारी ने की बैठक।

मुख्य विकास अधिकारी ने भूजल सप्ताह के तहत जनपद के समस्त विकास खण्डों, नगर निकायों, विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं ग्राम पंचायतों में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने के दिए निर्देश।

वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण, जल स्रोतों के संरक्षण तथा भूजल के विवेकपूर्ण उपयोग के संबंध में लोगों करें जागरूक- मुख्य विकास अधिकारी।

सभी विभाग आपसी समन्वय से निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करें।

प्रयागराज। मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को संगम सभागार में “भूजल सप्ताह” (दिनांक 16 से 22 जुलाई, 2026) के सफल आयोजन एवं क्रियान्वयन तथा भूजल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सभी संबंधित विभागों की एक सप्ताह के कार्ययोजना के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गयी ।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि भूजल का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि भूजल सप्ताह के दौरान जनपद के समस्त विकास खण्डों, नगर निकायों, विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं ग्राम पंचायतों में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ। उन्होंने वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण, जल स्रोतों के संरक्षण तथा भूजल के विवेकपूर्ण उपयोग के संबंध में लोगों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करें। उन्होंने विद्यालयों में निबंध, चित्रकला एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, रैली, शपथ ग्रहण, पौधरोपण तथा जल संरक्षण विषयक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए। साथ ही वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निरीक्षण कर उन्हें क्रियाशील बनाए रखने तथा सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया।
बैठक में भूजल विभाग के अधिकारियों द्वारा भूजल सप्ताह के दौरान आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।
बैठक में “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” थीम पर इस वर्ष भी “भूजल सप्ताह” का आयोजन मिशन मोड में किये जाने के निर्देश दिए।
भूजल सप्ताह-2026, 16 से 22 जुलाई के दौरान निम्नानुसार दिवसवॉर तैयार कार्ययोजना का सफल क्रियान्वन किए जाने के निर्देश दिए…
• दिवस-1 व 2 (16-17 जुलाई) – ग्राम पंचायत स्तर पर अक्रियाशील वॉटर बॉडी का श्रमदान द्वारा पुनरुद्धार, पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक, जल-जागरूकता रैली, दीवार लेखन, पोस्टर प्रदर्शन, वर्षा जल संचयन स्थलों की पहचान, पौधरोपण, रीचार्ज पिट निर्माण एवं जल संरक्षण शपथ अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए।
• दिवस-3 व 4 (18-19 जुलाई) – विकास खण्ड स्तर पर कार्यशाला, समन्वय बैठक, पूर्व निर्मित जल संरचनाओं का निरीक्षण, ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई का प्रदर्शन।
• दिवस-5 व 6 (20-21 जुलाई) – नगर पालिका/नगर पंचायत स्तर पर कार्यशाला, विद्यालयों में पोस्टर/निबन्ध प्रतियोगिता, जल गुणवत्ता परीक्षण प्रदर्शन।
• दिवस-7 (22 जुलाई) – जनपद स्तर पर जिला स्तरीय कार्यशाला, IEC गतिविधियाँ, प्रेस वार्ता एवं अभियान की समीक्षा।
उपरोक्त कर्यक्रम के लिए मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी तथा सहायक अभियंता लघु सिंचाई को सहायक नोडल नामित किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देश दिए गये की भूजल एक साझा प्राकृतिक संसाधन है और इसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है अतः जन-सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उक्त अभियान को सफल बनाया जाये।
इस अवसर पर आयोजित बैठक में जिला विकास अधिकारी जी0पी0 कुशवाहा, डीसी मनरेगा गुलाब चंद्र सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राम आसरे

Leave a Comment