*इंटरनल सर्वे में राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल से आगे निकलते हुए भारत में मोदी के बाद दूसरे नंबर पर आए बी एल एल आर पी अध्यक्ष पंकज कुमार शर्मा*
भारत की कुछ संस्थानों ने भारत में सकारात्मक राजनीतिक करने वाले राष्ट्रीय नेताओं की एक इंटरनल सर्वे की है जिसमें भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी के संस्थापक , राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पंकज कुमार शर्मा जी को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी के बाद भारत के लोग विपक्षी नेताओं में दूसरे नंबर पर देखना चाहते हैं ।
इसी बीच हमारे रिपोर्टर ने भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी अध्यक्ष श्री पंकज कुमार शर्मा से पूछा कि आखिर क्या बजह है कि आज लोकप्रियता में आप पूरे भारत में दूसरे स्थान पर हैं।
तो श्री शर्मा ने कहा कि ये सब माता महाकाली जी और भोलेनाथ की कृपा, एवं देश की जनता का प्रेम और मार्गदर्शन का ही नतीजा है।
अब पहले का युग नहीं रहा जिन नेताओं में दूरदर्शी सोंच दिखती है और जो नेता सकारात्मक दिशा में कार्य करते हैं वैसे नेताओं को देश की जनता पसंद करती है और आगे बढ़ा देती है।
आज के युवा पीढ़ी जाति धर्म क्षेत्र और भाषा के पिंजड़े से आजादी चाहते हैं और देश की जनता को लगता है कि भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी ही देश को नई दिशा दे सकती है।सभी को न्याय दे सकती है।
और सभी राष्ट्रभक्तों को एकजुट कर सकती है ।
सरकार का काम होता है न्याय और व्यवस्था देना बाकी देश की जनता में वो प्रतिभा है कि वो अपना रास्ता खुद ही बना लेंगे।
हमारी पार्टी जाति धर्म क्षेत्र और भाषा से ऊपर उठकर कार्य कर रही है।
हम आईटी क्षेत्र में क्रांति लाना चाहते हैं।
हम उद्योग क्षेत्र में क्रांति लाना चाहते हैं।
हम न्याय के क्षेत्र में क्रांति लाना चाहते हैं।
हम फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर क्रांति लाना चाहते हैं।
हम कृषि उद्योग के क्षेत्र में क्रांति लाना चाहते हैं।
*मै खासकर उन नेताओं से हांथ जोड़कर विनती करना चाहता हूं।*
जो लोग जाति धर्म क्षेत्र और भाषा की राजनीति करके देश को और अपने राज्यों को एक गलत उदाहरण के रूप में पेश कर रहे हैं।
इनकी मंशा यही है कि जैसे 1989 से लेकर 2014 के बीच में 90 लाख का व्यापार व्यापारी वर्ग भारत छोड़कर दूसरे देशों में शिफ्ट हो गए
ये वो व्यापारी थे जिन्होंने आजादी के बाद भारत के पच्चीस करोड़ लोगों को रोजगार देने का कार्य किया।
ये लोग ईमानदारी और सच्चाई से अपना टैक्स भरते थे ये वो लोग थे जो कि एन पी ए के दायरे में नहीं आते थे।
आज जो टैक्स भारत को मिलता वो टेक्स दूसरे देशों को मिल रहा है।
जिस राज्य या जिस देश का जितना ज्यादा फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन होगा उस राज्य या देश को उतना ही ज्यादा टैक्स मिलेगा और वो राज्य उतना ही ज्यादा तरक्की करेगी।
आजादी से लेकर आज तक भारत सरकार ,राज्य सरकार एवं पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ज्यादा से ज्यादा 3 से 5 प्रतिशत लोगों को ही सरकारी नौकरी दे पाई .आज तकरीबन 38 प्रतिशत लोग छोटे या बड़े व्यापारी के साथ सहयोग करके पारिवारिक रिश्ता बनाकर दुख और सुख में एक दूसरे को सहयोग करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं।
भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी के सभी संस्थापक सदस्य,सभी सम्मानित सदस्य एवं पच्चीस राज्यों के प्रभारी रात दिन पार्टी को ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए मेहनत कर रहे हैं।
आज ये उसी का नतीजा है।
हम सभी को एक साथ मिलकर राष्ट्र को आगे बढ़ाना है।
जय हिंद जय भारत जय भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी।*इंटरनल सर्वे में राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल से आगे निकलते हुए भारत में मोदी के बाद दूसरे नंबर पर आए बी एल एल आर पी अध्यक्ष पंकज कुमार शर्मा*
भारत की कुछ संस्थानों ने भारत में सकारात्मक राजनीतिक करने वाले राष्ट्रीय नेताओं की एक इंटरनल सर्वे की है जिसमें भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी के संस्थापक , राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पंकज कुमार शर्मा जी को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी के बाद भारत के लोग विपक्षी नेताओं में दूसरे नंबर पर देखना चाहते हैं ।
इसी बीच हमारे रिपोर्टर ने भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी अध्यक्ष श्री पंकज कुमार शर्मा से पूछा कि आखिर क्या बजह है कि आज लोकप्रियता में आप पूरे भारत में दूसरे स्थान पर हैं।
तो श्री शर्मा ने कहा कि ये सब माता महाकाली जी और भोलेनाथ की कृपा, एवं देश की जनता का प्रेम और मार्गदर्शन का ही नतीजा है।
अब पहले का युग नहीं रहा जिन नेताओं में दूरदर्शी सोंच दिखती है और जो नेता सकारात्मक दिशा में कार्य करते हैं वैसे नेताओं को देश की जनता पसंद करती है और आगे बढ़ा देती है।
आज के युवा पीढ़ी जाति धर्म क्षेत्र और भाषा के पिंजड़े से आजादी चाहते हैं और देश की जनता को लगता है कि भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी ही देश को नई दिशा दे सकती है।सभी को न्याय दे सकती है।
और सभी राष्ट्रभक्तों को एकजुट कर सकती है ।
सरकार का काम होता है न्याय और व्यवस्था देना बाकी देश की जनता में वो प्रतिभा है कि वो अपना रास्ता खुद ही बना लेंगे।
हमारी पार्टी जाति धर्म क्षेत्र और भाषा से ऊपर उठकर कार्य कर रही है।
हम आईटी क्षेत्र में क्रांति लाना चाहते हैं।
हम उद्योग क्षेत्र में क्रांति लाना चाहते हैं।
हम न्याय के क्षेत्र में क्रांति लाना चाहते हैं।
हम फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर क्रांति लाना चाहते हैं।
हम कृषि उद्योग के क्षेत्र में क्रांति लाना चाहते हैं।
*मै खासकर उन नेताओं से हांथ जोड़कर विनती करना चाहता हूं।*
जो लोग जाति धर्म क्षेत्र और भाषा की राजनीति करके देश को और अपने राज्यों को एक गलत उदाहरण के रूप में पेश कर रहे हैं।
इनकी मंशा यही है कि जैसे 1989 से लेकर 2014 के बीच में 90 लाख का व्यापार व्यापारी वर्ग भारत छोड़कर दूसरे देशों में शिफ्ट हो गए
ये वो व्यापारी थे जिन्होंने आजादी के बाद भारत के पच्चीस करोड़ लोगों को रोजगार देने का कार्य किया।
ये लोग ईमानदारी और सच्चाई से अपना टैक्स भरते थे ये वो लोग थे जो कि एन पी ए के दायरे में नहीं आते थे।
आज जो टैक्स भारत को मिलता वो टेक्स दूसरे देशों को मिल रहा है।
जिस राज्य या जिस देश का जितना ज्यादा फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन होगा उस राज्य या देश को उतना ही ज्यादा टैक्स मिलेगा और वो राज्य उतना ही ज्यादा तरक्की करेगी।
आजादी से लेकर आज तक भारत सरकार ,राज्य सरकार एवं पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ज्यादा से ज्यादा 3 से 5 प्रतिशत लोगों को ही सरकारी नौकरी दे पाई .आज तकरीबन 38 प्रतिशत लोग छोटे या बड़े व्यापारी के साथ सहयोग करके पारिवारिक रिश्ता बनाकर दुख और सुख में एक दूसरे को सहयोग करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं।
भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी के सभी संस्थापक सदस्य,सभी सम्मानित सदस्य एवं पच्चीस राज्यों के प्रभारी रात दिन पार्टी को ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए मेहनत कर रहे हैं।
आज ये उसी का नतीजा है।
हम सभी को एक साथ मिलकर राष्ट्र को आगे बढ़ाना है।
जय हिंद जय भारत जय भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी।








