बाबू राममोहन बीकॉम को उनकी 110 वी जयंती पर याद किया

बाबू राममोहन बीकॉम को उनकी 110 वी जयंती पर याद किया ।

 

आज श्री राममोहन सेवा आश्रम (रजि.) चंदौसी के तत्वाधान में राम गली सीता रोड स्थित राधाकुंज भवन में नगर के प्रथम स्नातक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, इतिहासकार, साहित्यकार, पत्रकार एवं आर्य समाज के अनुयायी सहित्यभूषण बाबू राममोहन बीकॉम की 110 वी जयंती पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई।

विचार गोष्ठी का शुभारंभ अतिथियो द्वारा बाबू राममोहन बीकॉम के चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया गया।

मुख्य अतिथि सेठ हरिशंकर अग्रवाल ने कहा बाबू राममोहन खादी प्रेमी थे उन्होंने हमेशा खादी कपड़ों के साथ जूते एवं बेल्ट भी कपड़े की ही पहनी उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन 1930 में भाग लिया। जिस दौरान उन्हें एक वर्ष का कठोर कारावास हुआ और मुरादाबाद कारागार में रखा गया।सामाजिक कार्यकर्ता डॉ टीएस पाल ने कहा बाबू राममोहन विभिन्न उपलब्धियां के साथ राष्ट्र एवम समाज को समर्पित रहे। उनकी शिक्षा एवं सेवा कार्य के लिए हम आज भी उन्हें याद कर रहे हैं ।ऐसे महापुरुषों के आदर्शों पर युवाओं को चलने की आवश्यकता है।सौभाग्यशाली हैं उनके सुपुत्र और सुपौत्र जो आज भी उन्हें उनकी जयंती के रूप में याद करते हैं।श्री राममोहन सेवा आश्रम के अध्यक्ष डॉ तुमुल विजय शास्त्री ने अपने पिता बाबू राममोहन बीकॉम के विषय मे बताया बाबूजी का जन्म 26 जून 1915 को चंदौसी के महाजन मोहल्ला स्थित नीम के तले लक्ष्मण दास के घर में हुआ ।वह राष्ट्र एवं शिक्षा के प्रति हमेशा जागरूक एवं एवं लगनशील रहे। जब चंदौसी में स्नातक तक पढ़ाई की सुविधा नहीं थी, तब उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से 1941 में बीकॉम की परीक्षा पास की। उन्होंने आजादी के बाद कांग्रेस को छोड़कर भारतीय जनसंघ की सदस्यता ली, मुख्य वक्ता पूर्व प्रधानाचार्य त्रिमोहन यादव ने कहा बाबू राममोहन ने अपने जीवन मे अनेक सरकारी,अर्ध सरकारी नौकरियों की परन्तुस सभी चन्दौसी से प्रेम के कारण छोड़ दी।आप दो बार नगर पालिका चन्दौसी के अधिशासी अधिकारी रहे।विशिष्ट अतिथि योगेंद्र कुमार शर्मा ने कहा बाबू जी ने 1970 के दशक में अनेक घी व्यापारी सम्मेलन चन्दौसी,मुरादाबाद,खुर्जा,लख़नऊ में किये,एक बार बड़े स्टार पर चन्दौसी में घी व्यापारी सम्मेलन हुआ।जिससे तत्कालीन सरकार को घी व्यपारियो की मांग को मानना पड़ा।कार्यक्रम संयोजक डॉ तुमुल विजय अग्रवाल ने सभी अतिथियो का आभार व्यक्त किया। गोष्ठी की अध्यक्षता साहित्याकार रमेश अधीर ने एवं संचालन डॉ जयशंकर दुवे ने किया।कार्यक्रम में महेश चंद्र शर्मा,विश्व विजय एड,अशोक मिश्रा,महेश चंद्र गुप्ता,कृष्णा औतार गुप्ता,वाई के शर्मा, नरेश भारती, सुनील कुमार गुप्ता,के के लुम्बा,राधा अग्रवाल,सत्यभान सिंह,खुशबू अग्रवाल,कृष्ण गोपाल गुप्ता,पवन अरोरा आदि ने अपने विचार रखे।

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