पूर्व गृह मंत्री सरदार बल्ल्भ भाई पटेल के बाद आरएसएस को किसी मर्द ने टककर देने की ठान ली है.
जो काम कांग्रेस के बड़े-बड़े सूरमा नहीं कर सके वो अब ये करने जा रहे है
कर्नाटक के नए गृह मन्त्री प्रियांक खरगे ने आरएसएस से ही कागज मांग लिए हैँ.
प्रियांक खरगे ने एक बयान जारी करते हुए बोला है कि आरएसएस अपने सोर्स ऑफ़ इनकम और अपने डाक्यूमेंट्स तैयार रखें,क्योंकि उनको रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा.देश की सभी संस्थाओ के पास रजिस्ट्रेशन है तो फिर rss क्यों नहीं!!
कर्नाटक सरकार को पूरी जानकारीRSS को देनी ही पड़ेगी, संस्था की फंडिंग और गतिविधियों की भी जानकारी राज्य सरकार को देनी होंगी
हर मेंबर का रजिस्ट्रेशन होगा.जिससे पता चल सके कि उक्त संस्था में कितने कार्यकर्त्ता और वर्क करने वाले है.
*इस बयान से सियासी ह्ड़कंप मचना तय है 👇*
इंडिया गठबंधन की मीटिंग के बाद आये इस बयान को बहुत अहम माना जा रहा है, बिपक्ष इस मुद्दे पर कितना टिक पायेगा यह कहना अभी मुश्किल है!
*Note 🇮🇳*
*कागज दिखाना पड़ेगा..!!!👇*
संबिधान के अनुसार देश की सभी संस्थाओ के रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होते है क्योंकि सभी संस्थाएं संबिधान के मूल स्वरुप से ही आते है. इसलिए देश के प्रत्येक व्यक्ति के काम करने व उसके कार्य स्थल एवं संस्था का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य है, कभी कभी देखा गया है कि कब किसी पत्रकार पर कानूनी कार्यवाही की जाती है तो उस पत्रकार को तथाकथित पत्रकार बोल दिया जाता है ज़ब कि सब कुछ इसी देश की अनुमति से चल रहा होता है तब वह गलत बना दिया जाता है।
फिर RSS बिना रजिस्ट्रेशन के खुले क्यों घूम रहें है. RSS का ऐसा क्या काम है कि देश की सबसे बड़ी सुरक्षा एजेंसी मोहन भागवत की सुरक्षा में तैनात है। अगर देश की सभी कंपनीs और देश की छोटी से छोटी फर्म को रजिस्ट्रेशन कराना पड़ रहा है तो फिर RSS को क्यों नहीं…!
इस सवाल के जवाब के लिए देश के युवाओं को सोचना होगा क्योंकि देश के हर व्यवस्था का आधार पहचान पत्र और GST नंबर है तो फिर RSS का क्यों नहीं…
*पी एस राजपूत*
*CONFERENCE*
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