कानपुर से एक बेहद भावुक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रशिक्षु अधिवक्ता ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली। घटना कानपुर की कचहरी परिसर में हुई, जहां युवक ने ऊपरी मंजिल से कूदकर जान दे दी।
बताया जा रहा है कि मृतक प्रियांशु श्रीवास्तव ने यह कदम उठाने से पहले दो पन्नों का सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उन्होंने अपनी आखिरी इच्छा जताई कि जो भी इस नोट को पढ़े, उसे अंत तक जरूर पढ़े।
सुसाइड नोट में उन्होंने अपने पिता राजेंद्र कुमार के साथ रिश्तों में आई कड़वाहट का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि पिता की डांट, उलाहने और अपमानजनक व्यवहार उन्हें लंबे समय से अंदर ही अंदर तोड़ रहे थे। यहां तक कि उन्हें घर से अपमानित कर निकालने की धमकियां भी दी जाती थीं, जिससे उनका मनोबल पूरी तरह टूट गया था।
प्रियांशु ने अपने शब्दों में गहरा दर्द जाहिर करते हुए लिखा कि पिता से उनका रिश्ता इतना बिगड़ चुका था कि अब उनके लिए जीना मुश्किल हो गया था। उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में यह भी लिखा— “ऐसे पिता भगवान किसी को न दे… पापा जीत गए, उन्हें जीत मुबारक हो।”
यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा सवाल खड़ा







