प्राइवेट हॉस्पिटल में संदिग्ध लापरवाही, प्रसूता की मौत, पति ने लगाए गंभीर आरोप, रिपोर्ट अनिल सोलंकी

एटा : प्राइवेट हॉस्पिटल में संदिग्ध लापरवाही, प्रसूता की मौत, पति ने लगाए गंभीर आरोप

 

‘डॉक्टरों ने ऑपरेशन में की अनियमितता, पत्नी की जान गंवाई’

पीड़ित पति अर्जुन सिंह ने कोतवाली में तहरीर देकर पोस्टमार्टम व वीडियोग्राफी की मांग की

 

एटा / कासगंज, 24 अप्रैल 2026 — चिकित्सा लापरवाही का एक सनसनीखेज मामला एटा जिले में सामने आया है। एक प्रसूता की संदिग्ध चिकित्सा लापरवाही के चलते मौत हो गई। मृतका के पति ने आरोप लगाया है कि पहले एक हॉस्पिटल ने रेफर कर दिया और दूसरे हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतते हुए उनकी पत्नी की जान ले ली।

 

पीड़ित अर्जुन सिंह पुत्र कृष्णपाल सिंह, निवासी ग्राम बकराई, थाना पटियाली, जिला कासगंज ने थाना कोतवाली नगर एटा में प्रभारी निरीक्षक को शिकायत देकर बताया कि वह अपनी पत्नी मोहिनी को प्रसव (डिलीवरी) कराने के लिए किरन गोपाल हॉस्पिटल, धुमरी रोड पटियाली (कासगंज) ले गए थे। वहां के संचालक रामगोपाल सिंह (उर्फ गुडडू) और डॉक्टरों ने उनकी पत्नी को 3-4 घंटे तक रखने के बाद कहा कि यहां “ब्लड की समुचित व्यवस्था” नहीं है।

 

रेफर किया गया, लेकिन…

आरोप है कि हॉस्पिटल संचालक ने उनके परिचित के श्री कृष्णा हॉस्पिटल, शिवसिंहपुर पीपल अड्डा एटा में फोन कर वहां भर्ती करने की सलाह दी। अर्जुन सिंह ने बताया कि भरोसे में आकर उन्होंने 21 अप्रैल 2026 को अपनी पत्नी को श्री कृष्णा हॉस्पिटल, एटा में दाखिल करा दिया। वहां के डॉ. पुष्पेन्द्र और स्टाफ ने सुरक्षित डिलीवरी का पूरा भरोसा दिलाया।

 

ऑपरेशन के दौरान ‘अनियमितता’

प्रार्थी के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 की शाम करीब 4:13 बजे डॉ. पुष्पेन्द्र व उनके सहयोगियों ने ऑपरेशन किया। पति का आरोप है कि “बिना किसी मानक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लापरवाही व अनियमितता बरती गई, जिसके चलते मेरी पत्नी की जान चली गई।”

पीड़ित की मांग

· पैनल द्वारा पोस्टमार्टम: मामले की सही जांच के लिए डॉक्टरों के पैनल द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जाए।

· वीडियोग्राफी: पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाए ताकि छेड़छाड़ न हो सके।

· एफआईआर व कार्रवाई: सभी आरोपी डॉक्टरों व हॉस्पिटल संचालकों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस की स्थिति

कोतवाली नगर एटा पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन और डॉ. पुष्पेन्द्र का इस मामले पर कोई बयान नहीं आया है। परिजनों का आरोप है कि हॉस्पिटल प्रबंधन मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। घटना के बाद हॉस्पिटल परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है।

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