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एक गड्ढा भरा, पूरा NH-321G गड्ढों का समंदर बना, प्रशासन का सोशल मीडिया सर्कस और जनता के साथ भद्दा मजाकज क्यों?

*एक गड्ढा भरा, पूरा NH-321G गड्ढों का समंदर बना, प्रशासन का सोशल मीडिया सर्कस और जनता के साथ भद्दा मजाकज क्यों?*

 

*तुर्रम सिंह राजपूत✍️*

 

*एटा/जलेसर।* प्रशासन ने एक गड्ढा भरकर मानो कोई महान उपलब्धि हासिल कर ली हो। सोशल मीडिया पर जश्न मनाया जा रहा है, तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जैसे भारत रत्न के लिए फाइल दाखिल कर दी गई हो। अधिकारी से लेकर मंत्री तक शायद छाती ठोंक-ठोंककर बता रहे होंगे कि “काम शुरू हो गया, जल्द पूरा होगा”। लेकिन हकीकत यह है कि जलेसर बाईपास (NH-321G) का ज्यादातर हिस्सा आज भी गड्ढों का भयानक समंदर बना हुआ है। कस्बे के इर्द-गिर्द सड़क कहीं गायब हो चुकी है, गढ़ीरामलाल तक गहरे खड्डे बन गए हैं। बारिश में तो यह रास्ता मौत का कुंड बन जाता है। एक गड्ढा भरने पर इतना शोरगुल? जबकि पूरा बाईपास बदहाल पड़ा है। अवागढ़-आगरा-जलेसर-एटा मार्ग पर गहरे गड्ढे, जलभराव और टूटी सड़क आम बात बन गई है। किसान, वाहन चालक, स्थानीय लोग औंधे मुंह गिर रहे हैं, राहगीर रोजाना जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। मूसलाधार बारिश में सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है, दुर्घटनाएं होती हैं, पर प्रशासन को कोई फर्क नहीं पड़ता।

 

*अधिकारियों का झूठा वायदा और शर्मनाक खेल* अधिशासी अभियंता द्वारा मीडिया को मंगलवार का आश्वासन दिया कि काम तेजी से चलेगा, गड्ढे भरे जाएंगे, जलभराव निकाला जाएगा। पर हकीकत में जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हो रहा। सिर्फ एक जगह गिट्टी डालकर फोटो खिंचवाई जा रही है और बाकी सड़क को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। क्या यही विकास है? क्या यही “जनहित” है? जब अधिकारी एक हैं, कानून एक है, सरकार एक है, तो व्यवस्था क्यों अलग-अलग? क्यों जलेसर जैसे छोटे कस्बे के साथ इस कदर भेदभाव? क्या आम जनता से इतना भद्दा मजाक चल रहा है? एक गड्ढा भरकर सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ लगी हुई है, जबकि पूरा बाईपास खस्ताहाल है। यह नाकाफी नहीं, बल्कि जनता के साथ धोखा है। स्थानीय लोगों में गुस्सा फूट पड़ा है। कह रहे हैं- “नाखून कटवाकर शहीदों की लिस्ट में नाम डलवा लिया क्या?” “एक गड्ढा भरने पर इतना गुड़गान क्यों?, बाकी सड़क को मौत के घाट उतारने का इंतजार है क्या? ”जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और NHAI के अधिकारियों को साफ-साफ चेतावनी दी जाती है- *सोशल मीडिया का सर्कस बंद करो, सड़क ठीक करो।* फोटो खिंचवाने और झूठे वायदों से काम नहीं चलेगा। अगर जल्द ही पूरा बाईपास ठीक नहीं किया गया तो जनता अब चुप नहीं रहेगी। *एक गड्ढा नहीं, पूरा बाईपास चाहिए।*

*झूठे प्रचार नहीं, सच्चा विकास चाहिए।*

*जनता अब बर्दाश्त नहीं करेगी।*

 

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