*असलाह लाइसेंस के लिए बड़ी मात्रा में जनपद एटा इंतजार में !👇*
जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के स्थानांतरण की सूचना जैसे ही जनपद के असलाह प्रेमियों को पता चली उन्होंने अपने चहेतो को फोन लगाना कल शाम से ही शुरू कर दिया है.
बताते चले कि जनपद एटा में जिलाधिकारी के तौर पर IAS प्रेम रंजन सिंह की पोस्टिंग की तारीख 4/9/2023 से अब तक एक भी लाइसेंस पत्रावली पर जिलाधिकारी द्वारा हस्ताक्षर नहीं किये गए है। *जनपद एटा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है* किन्तु जिलाधिकारी द्वारा कही हस्ताक्षर किये भी गए है तो आम जनता द्वारा जिन्होने अपनी स्वेच्छा से लाइसेंस जमा किये गए थे या यूं कहे कि सरकार को सुपुर्द कर दिए गए है।उन्हें असलाह की जरुरत ही नहीं है क्योंकि सरकार की सुरक्षा पर जनता का यकीन निश्चित रूप से बढ़ा है।
उत्तर प्रदेश में जनपद एटा एक मात्र जिला है जहाँ जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह की शानदार पहल से सिर्फ जनता ने अपनी स्वेच्छा से असलाह जमा किये है। *एक भी असलाह नया नहीं बनाया गया है.* शायद जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह इस व्यबस्था को अपने स्थानांतरण के वक़्त जाते-जाते भी कायम ही रखेंगे। अगर ऐसा किया गया तो जनपद एटा एक मात्र जिला होगा जहाँ जिलाधिकारी के पुरे 2 बरस 7 माह के कार्यकाल में एक भी नया असलाह पत्रावली पर नहीं गया है। यह अपने आप में अपनी अडिग विचारधारा से गढ़ा गया इतिहास होगा क्योंकि जनपद एटा के लोग भूखे रह सकते है परन्तु असलाह उनके कमर की शान बन चूका है। परन्तु इस निम्न स्तर की सोच को धता बता सकने में जिलाधिकारी एटा प्रेम रंजन सिंह की बड़ी सोच और बड़ा योगदान भविष्य में माना जायेगा
*Note और Cort 👇*
जिला मजिस्ट्रेट प्रेम रंजन सिंह के कोर्ट में जनपद के कई व्यक्तियों के असलाह ऐसे भी है जिनके निरस्तीकरण के लिए फाइल्स आज भी साँसे गिन रही है। वो सभी असलाह इस तरह के है जिनका निरस्तीकरण होना भी जरुरी है जिससे जनपद में शांति का माहौल बना रहे।वरना इन असलहो से निकले बारूद से कई जाने जाएगी।
फिलहाल जिलाधिकारी के स्थानांतरण के बाद जनपद के कई लोगो ने असलाह बनवाने के लिए धन भी लें लिया है और कई अपने असलाह के लिए जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह की विचारधारा को पलटने का प्रयास भी करेंगे।
*विदाई के समय तक इतिहास गढ़ने का समय होगा! 👇*
अब इतिहास गढ़ने का समय हुआ है। एक भी असलाह की पत्रावली पर हस्ताक्षर नहीं किये गए तो यह जनपद एटा के लिए मिशाल होंगी।अगर एक भी असलाह बनाया गया तो समझ लीजियेगा कि जमा किये गए अच्छी विचारधारा द्वारा असलाहो की फेहरिस्त मिथ्या साबित हो रही है।
👉इतिहास बनेगा या *फिर ढाक के तीन पात होंगे.*
*पी एस राजपूत*
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